Mata Rani Filling Station : सिंगरौली। सिंगरौली जिले में पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित भारत पेट्रोलियम कारर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के मे. माता रानी फिलिंग स्टेशन करामी में खुलेआम सरकारी मानकों और तेल कंपनियों की गाइडलाइनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह पेट्रोल पंप उपभोक्ताओं से हर लीटर का पूरा दाम तो वसूल रहा है, लेकिन अनिवार्य सुविधाओं के नाम पर उन्हें भारी परेशानी झेलने को मजबूर कर रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि उन्हें हवा, पानी, स्वच्छ शौचालय और शिकायत व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
सरकारी ‘मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइन’ के अनुसार, प्रत्येक पेट्रोल पंप पर निःशुल्क हवा, स्वच्छ शौचालय, पीने का पानी और शिकायत पुस्तिका अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। हालांकि, करामी स्थित इस पंप पर ये नियम मानो ताक पर रख दिए गए हैं। ग्राहकों का कहना है कि हवा भरने की मशीन तो है, लेकिन उसे चलाने वाला कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं रहता, जिसके कारण उन्हें दूसरे पंपों पर भटकना पड़ता है। इसके अलावा, शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं, पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, और परिसर में चारों ओर गंदगी फैली रहती है। ग्राहकों का आरोप है कि लाइसेंस मिलने के बाद संचालकों ने सुविधाओं पर ध्यान देना बंद कर दिया है, जो सीधा-सीधा उपभोक्ता हितों के साथ धोखाधड़ी है।
Mata Rani Filling Station : स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मनमानी प्रशासन की नाक के नीचे चल रही है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। पंप पर शिकायत पुस्तिका महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है, क्योंकि दर्ज शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। कई बार उपभोक्ता और स्थानीय नागरिक शिकायत विभाग को सूचना दे चुके हैं, लेकिन जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण नहीं किया गया है। लोगों का मानना है कि इतनी शिकायतों के बावजूद अधिकारियों का मौन दर्शक बने रहना उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है, और यह संदेह पैदा करता है कि क्या प्रशासन और संचालकों के बीच कोई मिलीभगत तो नहीं है।
Mata Rani Filling Station : इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए, बाइक और कार चालकों ने जिला कलेक्टर और जिला आपूर्ति अधिकारी से तुरंत मे. माता रानी फिलिंग स्टेशन की पेट्रोल की गुणवत्ता, मात्रा और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की विस्तृत जांच की मांग की है। ग्राहकों ने मांग की है कि यदि लापरवाही साबित होती है, तो पंप संचालक पर भारी जुर्माना लगाया जाए और लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जाए, ताकि भविष्य में अन्य पंप नियमों का पालन करने के लिए बाध्य हों। तेल कंपनियों के दिशानिर्देशों के तहत इन सुविधाओं की कमी गंभीर उल्लंघन है, जिस पर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
इस संबंध में खाद्य अधिकारी पी. सी. चंद्रवंशी ने कहा है कि “हम जल्द ही दिखाते हैं और अगर ऐसी गतिविधियां पाई जाती हैं तो कानूनी प्रक्रियाओं के द्वारा कार्रवाई की जाएगी।” अब सिंगरौली की जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। जनता यह जानना चाहती है कि क्या इस बार प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा और उपभोक्ताओं को उनका अधिकार दिलाएगा, या यह गंभीर मामला भी अन्य शिकायतों की तरह कागजों में दबकर रह जाएगा।











