Indore News: इंदौर : इंदौर में पिछले साल एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर हुई एक करोड़ साठ लाख की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस नित नए खुलासे कर रही है। पुलिस गिरफ्त में आए दो आरोपियों ने अपनी आप बीती पुलिस को बताई है जहां वे खुद कैदी के रूप में बंधक रहकर लोगों की सर्चिंग का काम कर रहे थे और लगातार चाइनीज गैंग के अत्याचार भी सह रहे थे, इस दौरान उनके पासपोर्ट भी लुटेरी गैंग ने जब्त किए हुए थे, अब इस जांच में लुटेरी चाइनीज गैंग के सरगना लीजू का विश्वभर में पहली बार फोटो इंदौर की क्राइम ब्रांच ने जारी किया है।
Indore News: दरअसल पिछले साल नवंबर के महीने में राऊ थाना क्षेत्र की निवासी एक महिला को 3 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर एक करोड़ 60 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई थी। इस मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच को मिली शिकायत के बाद पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को अलग-अलग शहर से गिरफ्तार किया है, जिसमें बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले कुछ युवक और बुजुर्ग भी पुलिस के हाथ लगे थे।
Indore News: लेकिन पुलिस इसे आगे की कड़ी नहीं जोड़ पा रही थी। इस मामले में पुलिस ने डिजिटल एविडेंस के माध्यम से विदेश में बैठकर डिजिटल अरेस्ट की धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले लोगों तक पहुंचने के पूरे प्रयास किया। इस मामले में गिरफ्त में आए अकाउंट होल्डर की जानकारी के बाद पुलिस ने आगे की कड़ियां जोड़ी और सभी कड़ियां लाओस, म्यांमार कंबोडिया और थाईलैंड में जाकर खत्म हो गई। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि लाओस के पास एक गोल्डन प्वाइंट इलाका है, जिसमें विश्व भर के कई देशों के बड़े अपराधी डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं के लिए हब बनाकर काम कर रहे हैं। जहां पूरे विश्व भर में डाटा एंट्री ऑपरेटर के नाम पर युवकों को म्यांमार और कंबोडिया के रास्ते बुलाकर लाओस में काम करवाते हैं।
Indore News: जिन्हें बड़े पैकेज दिए जाने का लालच भी दिया जाता है। लाओस पहुंचने के बाद इन सभी के पासपोर्ट जप्त कर लिए जाते हैं और सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर से दिन भर में 16 घंटे काम करवाया जाता है काम ना करने पर इन्हें इलेक्ट्रिक शॉक दिए जाते हैं साथ ही हाथ बांधकर 24 – 24 घंटे लटकाया भी जाता है। साल 2023 और 2024 के बीच विश्व भर में अचानक से बढ़े डिजिटल अरेस्ट के मामले को लेकर भारत और अमेरिका का खुफिया विभाग एक्टिव हुआ था और उन्होंने लाओस के इन ठिकानों पर कार्रवाई करने के लिए वहां की सरकार पर दबाव बनाया था।
Indore News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने दबाव के बाद अक्टूबर महीने में हुई कार्रवाई से लाओस में छिपे कई डिजिटल अरेस्ट के सरगना भाग निकले और वहां के पुलिस ने छापेमारी में 578 भारतीय डाटा एंट्री ऑपरेटर को पकड़ा था जिन्हें नए पासपोर्ट बनाकर दिए जाने के साथ ही वापस भारत डीपोर्ट किया गया था। इंदौर पुलिस के हाथ लगे दोनों युवक सौरभ और परतस उर्फ कैलाश भी डाटा एंट्री ऑपरेटर थे।
Indore News: इसी तरह की एक अन्य घटना में परतस के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था जिसके बाद उसके लुधियाना एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया वहीं सौरभ को गुजरात के वापी से पकड़ा गया है। दोनों ने अपने साथ हुई यह आपबीती पुलिस को बताई है और शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का भी जिक्र किया है।
Indore News: साथ ही भारत के बुजुर्ग सिटीजन और एकल जीवन जीने वाले लोगों को टारगेट किए जाने का तरीका भी पुलिस को बताया है साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल अरेस्ट के लिए वांटेड गैंग के सरगना लीज़ू जिसे कई देश की पुलिस ढूंढ रही है उसकी जानकारी भी इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस को दी है। अब इंदौर पुलिस की खोजबीन और दोनों आरोपियों से मिले कई कॉन्टेक्ट नंबर के आधार पर इंदौर पुलिस ने लीजु का फोटो भी ढूंढ निकाला है, जिसे दोनों आरोपियों से पहचान भी करवाई गई है। अब इंदौर पुलिस डिजिटल अरेस्ट के इस संदिग्ध और पेचीदे और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार बैठे आरोपियों में उलझे मामले को सुलझाने के करीब पहुंच गई है।













