भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की अदालत ने एमपी नगर थाना क्षेत्र के एक दुष्कर्म मामले में आरोपी अकरम को दस साल की कठोर सजा सुनाई। अदालत ने पाया कि आरोपी ने महिला को फर्जी नाम और पहचान बताकर धोखे में रखकर आपराधिक षड्यंत्र रचा और उसके साथ रेप किया।
अपराध की योजना और झांसे में लिया पीड़िता
जांच के अनुसार, आरोपी ने खुद को अमर कुशवाह हिन्दू नाम बताया और महिला को भरोसा दिलाया। इसके बाद आरोपी ने होटल में महिला के साथ दुष्कर्म किया और कहा कि “तुम मुझे मेरी बेगम बनाओगी।” अदालत ने इस व्यवहार को जानबूझकर बनाया गया आपराधिक षड्यंत्र मानते हुए सख्त सजा सुनाई।
घटना की पृष्ठभूमि
यह घटना 16 अक्टूबर 2022 की है। आरोपी ने महिला को धोखे में रखकर अपराध की पूरी योजना बनाई थी। कोर्ट ने आरोपी के अपराध को गंभीर और योजनाबद्ध मानते हुए कठोर दंड देने का निर्णय लिया।
एमपी नगर थाना क्षेत्र की पुलिस ने जांच पूरी कर रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिसमें आरोपी की फर्जी पहचान और योजना के सबूत शामिल थे। अदालत ने इन तथ्यों को गंभीरता से लिया और न्यायसंगत फैसला सुनाया।
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कोर्ट का संदेश और समाज के लिए चेतावनी
अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा धोखे, फर्जी पहचान और योजनाबद्ध अपराध को बख्शा नहीं जाएगा। यह सजा समाज के लिए एक चेतावनी है कि ऐसे अपराधों पर कानूनी कार्रवाई सख्त होगी।
भविष्य में सुरक्षा और जागरूकता
इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि पीड़ितों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर अंधविश्वास या भरोसा नहीं करना चाहिए। पुलिस और न्याय व्यवस्था मिलकर अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिला रही है।













