चंडीगढ़ : हरियाणा के रोहतक जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे खेल जगत को झकझोर दिया है। गांव लाखनमाजरा स्थित बास्केटबॉल ग्राउंड में मंगलवार को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत उस वक्त हो गई, जब प्रैक्टिस के दौरान एक पुराना पोल अचानक टूटकर उनके सीने पर गिर पड़ा। 17 वर्षीय हार्दिक अपने सपनों को नई उड़ान देने के लिए रोजाना इसी ग्राउंड में अभ्यास किया करते थे।
हादसे के समय हार्दिक कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे, जबकि बाकी खिलाड़ी पास में आराम कर रहे थे। जोरदार धमाके के बाद साथी खिलाड़ी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह दुर्घटना अब खेल सुविधाओं की बदहाली और सरकारी लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
Read More : IND Vs SA : टीम इंडिया की सबसे बड़ी टेस्ट हार! 25 साल बाद साउथ अफ्रीका ने भारत में जीती टेस्ट सीरीज
सरकार पर सवाल, विपक्ष का आरोप—“यह हादसा नहीं, सिस्टम की हत्या”
कांग्रेस सांसद रंदीप सिंह सुरजेवाला ने हादसे को “सिस्टम की हत्या” करार दिया। उन्होंने कहा कि हार्दिक केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि हरियाणा की युवा प्रतिभा थे। “क्या सरकार उनके माता-पिता को उनका बेटा वापस दे सकती है?”—सुरजेवाला ने पूछा।
हरियाणा के लाखनमाजरा में नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर हार्दिक की मौत एक हादसा नहीं, भाजपा सरकार के सिस्टम द्वारा की गई एक हत्या है ।
हार्दिक हरियाणा की युवा प्रतिभा भी था, एक बेटा भी और एक होनहार नौजवान भी । क्या भाजपा सरकार माँ बाप को उनका बेटा वापस दे पायेगी?
CM श्री नायब सैनी की… pic.twitter.com/6taUvThxAp
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) November 26, 2025
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि लखनमाजरा सहित कई स्टेडियमों की मेंटेनेंस की मांग खिलाड़ियों ने महीनों पहले उठाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि जब जिला खेल अधिकारी के मुताबिक स्टेडियमों के लिए 2.1 करोड़ रुपये का बजट मौजूद था, तो मेंटेनेंस क्यों नहीं की गई।
बजट पर भी उठा सवाल—हरियाणा को मिला 88 करोड़, गुजरात को 608 करोड़
सुरजेवाला ने केंद्र सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल बजट में से हरियाणा—जो देश को सबसे ज्यादा मेडल दिलाता है—को मात्र 88 करोड़ रुपये मिले, जबकि गुजरात को 608 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
Read More : IND vs SA : दूसरे दिन का खेल समाप्त, 489 पर साउथ अफ्रीका ऑलआउट, भारत का स्कोर 9/0
खेल जगत में शोक, परिवार में मातम
हार्दिक राठी को उभरते हुए खिलाड़ी के रूप में जाना जाता था। उनकी अचानक मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, जबकि स्थानीय खिलाड़ी और कोच ग्राउंड की सुविधाओं की स्थिति पर नाराज़गी जता रहे हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि अगर बास्केटबॉल ग्राउंड की समय पर मरम्मत की गई होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। अब पूरे क्षेत्र में खेल अधिरचना की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।









