Bhilai Aarakshak Sexual Exploitation Case : जब रक्षक ही भक्षक बन जाए : नाबालिक को जेल से छुड़ाने संबंध बनाने की मांग भिलाई के आरक्षक ने कानून की गरिमा को किया तार तार….

0
170
Bhilai Aarakshak Sexual Exploitation Case
Bhilai Aarakshak Sexual Exploitation Case

Bhilai Aarakshak Sexual Exploitation Case : राजनांदगांव/भिलाई। हेमंत वर्मा | जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो न्याय व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। भिलाई-3 थाना क्षेत्र में पदस्थ एक आरक्षक ने कानून की गरिमा को तार-तार कर दिया। नाबालिग बेटे को जेल से छुड़ाने की गुहार लगाने पहुंची एक विधवा महिला से आरक्षक ने संबंध बनाने की मांग कर डाली। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने आरोपी आरक्षक क्रमांक 1211 अरविंद कुमार मेडे को तत्काल निलंबित कर दिया है।

Bhilai Aarakshak Sexual Exploitation Case : विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार डबरा पारा भिलाई-3 की रहने वाली महिला का पति कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। हाल ही में उसके नाबालिग बेटे पर पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे बाल संप्रेषण गृह भेजा गया। बेटे को छुड़ाने के लिए महिला ने भिलाई-3 थाने में पदस्थ आरक्षक अरविंद मेडे से मदद मांगी।

READ MORE : Apollo Ringni Strike : अपोलो प्राइवेट लिमिटेड रिंगनी में श्रमिकों का प्रदर्शन, कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल…

आरक्षक ने महिला का नंबर लिया और लगातार फोन कर मिलने का दबाव बनाने लगा। मंगलवार को सिरसा गेट के पास बुलाकर उसने महिला से शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। महिला ने माहवारी होने का कारण बताकर विरोध किया, तो आरक्षक ने उससे जबरन छेड़छाड़ तक कर दी।

डरी-सहमी महिला ने पूरी घटना अपनी परिचित महिला को बताई। महिलाओं ने एकजुट होकर थाने पहुंचकर आरोपी आरक्षक का घेराव किया और उसके व्हाट्सएप चैट तथा ऑडियो पुलिस अधीक्षक को सौंपे। शिकायत पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई तो हुई, लेकिन सवाल ये है कि क्या केवल निलंबन काफी है?

पीड़ित महिला की बातों से साफ है कि अगर उसने विरोध नहीं किया होता, तो वह किसी बड़ी वारदात का शिकार हो सकती थी। यह मामला सिर्फ छेड़खानी का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की बुनियाद हिलाने वाला है जिसका काम ही जनता की सुरक्षा है।

READ MORE : Raipur Water Shutdown : भाठागांव, डीडीनगर, कोटा समेत रायपुर के इन क्षेत्रों में आज शाम नहीं मिलेगा पानी….

पुलिस पर रिश्वतखोरी के आरोप तो आम हैं, लेकिन मदद के नाम पर हमबिस्तर होने का दबाव बनाने वाली ऐसी हरकत समाज के विश्वास को चकनाचूर कर देती है। ऐसे रंगीन मिजाज और अय्याश पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होना जरूरी है, वरना पीड़ित महिलाएं न्याय मांगने कहां जाएंगी?

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here