नई दिल्ली : पहलगाम हमले के बाद भारत की सख्त प्रतिक्रिया और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बयान ने पाकिस्तान में बेचैनी बढ़ा दी है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भारत किसी भी समय सीमा पार कार्रवाई कर सकता है। उनका यह बयान साफ दिखाता है कि पाकिस्तान एक बार फिर उसी डर से घिर चुका है, जिसका सामना उसे पिछले कई वर्षों में भारत की स्ट्राइक के बाद करना पड़ा था।
भारत की हालिया कार्रवाई से पाकिस्तान में खौफ गहरा
बीते दिनों भारतीय सेना ने जो ऑपरेशन किए और जिस तरह पाकिस्तान को कठोर चेतावनी दी, उससे इस्लामाबाद की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि आतंकवादी हमलों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने वाली शक्ति बन चुका है।
Read More : ACB Raid Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में ACB–EOW की दबिश, रायपुर-बिलासपुर समेत 20 ठिकानों पर एक साथ छापे….
जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बयान ने बढ़ाई पाकिस्तान की बेचैनी
सेना प्रमुख ने स्पष्ट कहा था कि “ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ एक झलक थी, जरूरत पड़ने पर भारत फिर वही करेगा जो एक जिम्मेदार राष्ट्र को करना चाहिए।” इस बयान ने पाकिस्तान में घबराहट और तेज कर दी है। ख्वाजा आसिफ ने इसी संदर्भ में कहा कि पाकिस्तान भारत के इरादों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता।
ख्वाजा आसिफ का दावा—भारत कभी भी कर सकता है स्ट्राइक
एक टीवी कार्यक्रम में आसिफ ने पुराने आरोप दोहराते हुए कहा कि भारत और अफगानिस्तान मिलकर पाकिस्तान को अस्थिर कर रहे हैं। हालांकि भारत इन दावों को बेबुनियाद बता चुका है। इसके बावजूद आसिफ का यह बयान साफ इशारा करता है कि भारत की बढ़ती ताकत और निर्णायक नीति से पाकिस्तान दबाव में है।
अफगानिस्तान और भारत पर आरोप लगाकर बचाव में लगा पाकिस्तान
पाकिस्तान अक्सर घरेलू असफलताओं को छुपाने के लिए बाहरी दुश्मनों का हवाला देता है। इस बार भी रक्षा मंत्री ने सऊदी अरब, यूएई, चीन जैसे देशों पर दबाव का हवाला देते हुए अपनी अस्थिरता का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश की।
पाक सरकार की पोल उसके ही मुख्यमंत्री ने खोली
सबसे बड़ा झटका पाकिस्तान को तब लगा जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने खुलकर कहा कि पाकिस्तान की फेडरल सरकार “फर्जी आतंकी हमलों” से फायदा उठाती है। उनका कहना था कि इस्लामाबाद अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए आतंकवाद को नियंत्रण में रखता है।
‘फर्जी आतंकी हमलों’ का बड़ा खुलासा—खैबर पख्तूनख्वा में बगावत
अफरीदी ने यहां तक आरोप लगाया कि पाकिस्तान आर्मी ने पश्तून तहफ़ुज़ आंदोलन के सदस्यों का अपहरण किया, जिससे अफगानिस्तान के साथ शांति वार्ता बाधित हो सके। यह बयान पाकिस्तान की राजनीतिक-सैन्य संरचना की असलियत दुनिया के सामने ले आया।
आंतरिक अस्थिरता ने पाकिस्तान को और कमजोर किया
पाकिस्तान की सबसे बड़ी कमजोरी उसका आंतरिक विद्रोह, आतंकवाद का खेल और सत्ता की बंद कमरों में होने वाली साजिशें हैं। इसी अव्यवस्था ने उसे आज उस स्तर पर खड़ा कर दिया है, जहां भारत की एक चेतावनी भी इस्लामाबाद में खौफ पैदा कर देती है।
भारत की रणनीतिक बढ़त से पड़ोसी देश में मची हलचल
भारत आज न केवल सैन्य क्षमता में, बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में खड़ा है। यही कारण है कि भारत की ओर से दिए गए किसी भी संकेत या बयान का असर पाकिस्तान में साफ दिखाई देता है।











