Maoists surrender : 66 लाख के इनामी 51 माओवादी हुए सरेंडर, 2025 में अब तक 460 से ज्यादा ने छोड़ी नक्सल राह

VIKASH KHALKHO

Maoists surrender : बीजापुर। छत्तीसगढ़ की माओवाद उन्मूलन नीति को एक बड़ी सफलता मिली है। राज्य सरकार की प्रभावी ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ योजना के तहत 51 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिलाएं और 42 पुरुष शामिल हैं।

इन सभी माओवादियों पर कुल 66 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें कई ऐसे दुर्दांत सदस्य हैं जो माओवादी संगठन की रीढ़ माने जाते थे।

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बटालियन और कंपनी सदस्य भी शामिल

पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन और कंपनी स्तर के कई सदस्य शामिल हैं।
चार प्रमुख माओवादी —

  • बुधराम पोटाम उर्फ रंजीत (कंपनी 01)
  • मनकी कोवासी (बटालियन 01)
  • हुंगी सोढ़ी (कंपनी 02)
  • रविन्द्र पुनेम उर्फ आयतू
    — प्रत्येक पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा देवे करटाम (सीआरसी कंपनी 02 पीएलजीए सदस्य) पर भी 8 लाख का इनाम घोषित था।

सरेंडर नीति और सुरक्षा अभियानों का असर

सुरक्षाबलों के लगातार सर्च अभियान और राज्य सरकार की समर्पण नीति का असर इस वर्ष बड़े पैमाने पर दिखाई दे रहा है।
वर्ष 2025 में अब तक 461 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 138 मारे गए और 485 गिरफ्तार किए गए हैं।

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50-50 हजार की सहायता राशि दी जाएगी

जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को पुनर्वास प्रोत्साहन के रूप में तत्काल 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

उन्होंने शेष माओवादियों से अपील की कि वे भ्रामक विचारधाराओं को त्यागकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।

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‘पूना मारगेम’ योजना बनी मिसाल

छत्तीसगढ़ सरकार की ‘पूना मारगेम’ योजना यानी “पुनर्वास से पुनर्जीवन” का उद्देश्य हिंसा में भटके युवाओं को संवाद, पुनर्वास और विकास के माध्यम से समाज से जोड़ना है।
बीजापुर में हुए इस सामूहिक आत्मसमर्पण ने यह साबित किया है कि संवाद और विश्वास का मार्ग ही स्थायी शांति की कुंजी है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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