मुंबई: देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर ने एक और ऐतिहासिक बदलाव करते हुए अपना नाम बदल लिया है। करीब 80-81 सालों में यह चौथी बार है जब कंपनी ने अपना नाम बदला है। ये बड़ा कदम कंपनी के हालिया डीमर्जर (विभाजन) के बाद सामने आया है, जिससे अब पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस अलग-अलग इकाइयों में संचालित होंगे।
डीमर्जर के तहत, कंपनी ने अपने पैसेंजर व्हीकल (PV) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट को अलग कर दिया है, जबकि कमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस अब अलग ब्रांड के तहत काम करेगा। इसी बदलाव के तहत कंपनी ने अपने कॉर्पोरेट नाम में संशोधन किया है।
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नया नाम क्या होगा?
डीमर्जर के बाद कंपनी के दो स्वतंत्र ब्रांड सामने आ सकते हैं – एक Tata Passenger Electric Mobility Limited (TPEML) के तहत और दूसरा Tata Commercial Vehicles Limited (TCVL) के नाम से जाना जा सकता है।किन्तु ,यह अंतिम मुहर कंपनी की आगामी AGM (Annual General Meeting) में लगने की संभावना है।
क्यों बदला गया नाम?
टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने बताया कि यह कदम कंपनी की रणनीतिक पुनर्संरचना (Strategic Restructuring) का हिस्सा है, जिससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी और दोनों सेगमेंट को बेहतर फोकस मिलेगा। इससे निवेशकों को भी ज्यादा पारदर्शिता और वैल्यू क्रिएशन का मौका मिलेगा।
कंपनी का नाम इतिहास में कैसे बदला?
- 1945 – कंपनी की स्थापना Tata Engineering and Locomotive Company (TELCO) के नाम से हुई थी।
- 2003 – नाम बदला गया और बना Tata Motors Limited।
- इसके बाद इंटरनल सब-ब्रांडिंग और यूनिट्स के नाम में बदलाव होते रहे।
- अब 2025 में, डीमर्जर के बाद, फिर से नाम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।













