सीहोर, सुनील शर्मा| सीहोर में विद्या भारती मध्यभारत प्रांत द्वारा आयोजित ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम ने महिलाओं को जागरूक करने और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सशक्त बनाने का संकल्प लिया। इस अभियान का उद्देश्य 75 लाख माताओं से संपर्क साधकर उन्हें प्रेरित करना है।
यह अभियान श्रीमद्भागवत गीता में वर्णित नारी की सात दैवीय शक्तियों – धृति, श्री, वाक्, मेधा, धृति और क्षमा से प्रेरित है। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं में इन शक्तियों को जागृत कर उन्हें परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और ‘पंच-परिवर्तन’ के संकल्प को घर-घर तक पहुँचाया जाएगा। आयोजकों ने इसे भारतीय जीवनशैली के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने और मातृशक्ति के आत्मगौरव को जागृत करने की एक वैचारिक क्रांति बताया।
सीहोर में कार्यक्रम के संबंध में सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें आयोजन के उद्देश्य और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
सप्तशक्ति कार्यक्रम के सभी पदाधिकारी: “हमारा उद्देश्य माताओं को सशक्त बनाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करना है।”











