coal scam : रायपुर: छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में रायपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने EOW को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि EOW ने आरोपी निखिल चंद्राकर का बयान अदालत के सामने दर्ज कराने के बजाय पहले से तैयार टाइप्ड बयान कोर्ट में पेश कर दिया। इस पर कोर्ट ने EOW-ACB के निदेशक अमरेश मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रेश ठाकुर से जवाब मांगा है।
coal scam : यह मामला तब सामने आया जब रायपुर की स्पेशल कोर्ट में मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी की जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी। सुनवाई के दौरान EOW की ओर से कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिनमें सह आरोपी निखिल चंद्राकर का बयान भी शामिल था। इसे धारा 164 के तहत दर्ज बताया गया, लेकिन बचाव पक्ष ने इस पर आपत्ति जताई।
coal scam : शिकायतकर्ता गिरीश देवांगन का कहना है कि कोर्ट में दिए गए बयान की प्रति में कई गड़बड़ियां थीं। बयान का फॉन्ट और भाषा अदालत में इस्तेमाल होने वाले प्रारूप से मेल नहीं खाते थे। इससे यह संदेह हुआ कि यह बयान अदालत में नहीं, बल्कि बाहर तैयार किया गया था और बाद में कोर्ट में जमा कराया गया।
coal scam : देवांगन ने आरोप लगाया कि यह दस्तावेज किसी कंप्यूटर पर तैयार कर पेनड्राइव के जरिए कोर्ट में जमा किया गया। उनका कहना है कि यह न्यायिक प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन और दस्तावेजों की कूटरचना का मामला है। उन्होंने इस संबंध में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (सतर्कता) के समक्ष आवेदन देकर फोरेंसिक जांच कराई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि बयान अदालत के मानक फॉर्मेट से मेल नहीं खाता।
coal scam : वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने कहा कि यह घटना देश में पहली बार हुई है जब किसी जांच एजेंसी ने अभियुक्त का बयान दर्ज कराने की जगह अपने कार्यालय से तैयार बयान को अदालत में पेश किया। यह न केवल न्यायिक प्रक्रिया के साथ धोखाधड़ी है बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 (न्याय के अधिकार) का उल्लंघन भी है।
coal scam : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब जांच एजेंसियां झूठे बयान और सबूत खुद बनाने लगी हैं क्या? क्या अब जांच एजेंसियां किसी को फंसाने के लिए सुपारी ले रही हैं? उन्होंने कहा कि EOW/ACB पर झूठे साक्ष्य बनाकर अदालत को गुमराह करने का आरोप बेहद गंभीर है और इस पर न्यायालय को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
coal scam : बघेल ने यह भी कहा कि ऐसा मामला देश की न्यायिक व्यवस्था में पहली बार सामने आया है और इससे आम नागरिक के न्याय पाने की उम्मीद पर असर पड़ सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय इस मामले का संज्ञान लेंगे।













