लंदन। नेपाल और फ्रांस के बाद अब इंग्लैंड में भी बड़ा बवाल देखने को मिला। शनिवार को ब्रिटेन के कट्टरपंथी नेता टॉमी रॉबिन्सन के नेतृत्व में हुई ‘यूनाइट द किंगडम’ रैली में एक लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने अवैध प्रवासियों को देश से बाहर करने की मांग की।
रैली के दौरान “स्टॉप द बोट्स”, “सेन्ड देम होम” और “वी वांट आवर कंट्री बैक” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन हिंसक हो गया, जब रॉबिन्सन समर्थक पुलिस और काउंटर-प्रोटेस्टर्स से भिड़ गए। मेट्रोपॉलिटन पुलिस पर बोतलें फेंकी गईं और अफसरों पर हमला हुआ। झड़प में 26 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें चार की हालत गंभीर है। हालात संभालने के लिए दंगा-रोधी दस्ते और घुड़सवार पुलिस को उतारना पड़ा।
प्रदर्शनकारी हाल ही में एक प्रवासी से जुड़े आपराधिक मामले और बढ़ते अवैध आव्रजन को लेकर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस साल अब तक 28 हजार से ज्यादा प्रवासी नावों के जरिए इंग्लिश चैनल पार कर ब्रिटेन पहुंचे हैं।
रैली के समानांतर ‘स्टैंड अप टू रेसिज्म’ के बैनर तले करीब 5 हजार लोगों ने विरोध मार्च किया। वहीं, टॉमी रॉबिन्सन ने इसे आज़ादी के लिए लड़ाई बताया, जबकि विपक्षी दलों और रिफॉर्म यूके पार्टी ने उनके आपराधिक मामलों के कारण दूरी बना ली है।
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नेपाल और फ्रांस की तरह इंग्लैंड का यह प्रदर्शन भी शांतिपूर्ण शुरुआत के बाद हिंसक झड़पों में बदल गया।





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