नई दिल्ली| नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ भड़के Gen-Z प्रदर्शनों का असर अब सीधे प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार पर पड़ने लगा है। सोमवार को गृह मंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद मंगलवार को कृषि और पशुपालन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी और स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल ने भी पद छोड़ दिया। तीन मंत्रियों के इस्तीफे से ओली सरकार गहरे संकट में घिर गई है।
इस्तीफे में लगाया सत्तावाद का आरोप
अपने इस्तीफे में नेपाली कांग्रेस के मंत्रियों ने लिखा कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने के बजाय दमन, हिंसा और बल प्रयोग का रास्ता अपना रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहकर वे युवाओं के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को सही नहीं ठहरा सकते।
गगन थापा ने मांगा प्रधानमंत्री का इस्तीफा
नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने सीधे प्रधानमंत्री ओली पर निशाना साधते हुए कहा, “निर्दोष युवाओं की मौत अनावश्यक रूप से हुई है। प्रधानमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।”
थापा ने यह भी संकेत दिया कि उनकी पार्टी अब ओली सरकार में नहीं रहेगी और जल्द ही इस मुद्दे पर औपचारिक निर्णय लिया जाएगा।
20 से ज्यादा की मौत, विपक्ष हमलावर
गौरतलब है कि सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों में करीब 20 लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घायल हुए। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलीबारी और बल प्रयोग किया, जिसे विपक्षी दलों ने दमनकारी करार दिया है।
सरकार का संकट गहराया
लगातार तीन मंत्रियों के इस्तीफे और सहयोगी पार्टी नेपाली कांग्रेस के कड़े रुख ने प्रधानमंत्री ओली की कुर्सी को हिला दिया है। यदि कांग्रेस ने औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिया, तो संसद में ओली सरकार का बहुमत खत्म हो सकता है।













