नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस से तेल खरीदने को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50% करने के बाद अब उन्होंने यूरोप को भी चेतावनी दी है।
Read News : MP NEWS : बहू के अंतिम संस्कार में ससुर की मौत…
गुरुवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ हुई Coalition of the Willing बैठक में ट्रंप ने कहा कि यूरोप को रूसी तेल की खरीद तत्काल बंद करनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए चीन पर आर्थिक दबाव बनाया जाना जरूरी है।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, ट्रंप ने बैठक में बताया कि पिछले एक साल में रूस ने यूरोपीय संघ को ईंधन बेचकर 1.1 अरब यूरो कमाए हैं, जिससे युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि 26 देशों ने संभावित शांति सेना में योगदान देने का वादा किया है, लेकिन अमेरिका की भूमिका सुरक्षा गारंटी में अहम रहेगी।
Read News : Ganpati Visarjan 2025 : गणपति विसर्जन का इको-फ्रेंडली मॉडल, पानी की प्रदूषण जांच करेगा निगम…
हालांकि, पुतिन से अलास्का शिखर सम्मेलन में मुलाकात के तीन हफ्ते बाद भी शांति वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं होने से ट्रंप निराश हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप अब व्यक्तिगत रूप से रूस-यूक्रेन वार्ता में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं।
ट्रंप ने बैठक में यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही भारत को टार्गेट कर रूसी तेल आयात पर टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया है।









