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National Heritage : रामसेतु को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चार हफ्ते में केंद्र को देना होगा जवाब

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा के पूर्व सदस्य डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से पूछा है कि रामसेतु को अब तक राष्ट्रीय धरोहर घोषित क्यों नहीं किया गया। अदालत ने इस संबंध में केंद्र को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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डॉ. स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने वर्ष 2023 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की गई थी। लेकिन, सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। उनका कहना है कि रामसेतु न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ऐतिहासिक, पुरातात्विक और कलात्मक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है।

क्या है रामसेतु
रामसेतु, जिसे दुनियाभर में एडम्स ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है, तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट स्थित पंबन द्वीप और श्रीलंका के मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की उथली चट्टानों की एक श्रृंखला है। इसकी लंबाई लगभग 48 किलोमीटर है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, 15वीं शताब्दी तक इस संरचना पर चलकर समुद्र पार किया जा सकता था, लेकिन समय के साथ तूफानों और ज्वार-भाटे के कारण यह समुद्र में डूब गया।

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यह वही पुल है जिसे भगवान श्रीराम की वानर सेना ने लंका पर चढ़ाई करने के लिए बनाया था। वैज्ञानिक अध्ययनों में भी यह दावा किया गया है कि यह संरचना पूरी तरह प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानव निर्मित हो सकती है।

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विवाद और महत्व
यूपीए सरकार के कार्यकाल में ‘सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट’ के तहत इसी मार्ग से जहाजरानी की योजना बनाई गई थी। लेकिन भारी विरोध और कानूनी अड़चनों के बाद 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने परियोजना पर रोक लगाते हुए सरकार को रामसेतु को क्षति पहुँचाए बिना वैकल्पिक मार्ग तलाशने के निर्देश दिए थे।

1993 में नासा द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों और कई शोध रिपोर्टों ने भी रामसेतु की ऐतिहासिकता और संरचनात्मक विशिष्टता को रेखांकित किया है।

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद एक बार फिर यह मुद्दा राष्ट्रीय धरोहर संरक्षण के दायरे में गंभीर बहस का विषय बन गया है। अदालत की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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