Thursday, August 27, 2026
Home Tech ITR Filing After Death : वसीयत, नॉमिनी और वारिस – किसकी है...

ITR Filing After Death : वसीयत, नॉमिनी और वारिस – किसकी है जिम्मेदारी?

नई दिल्ली। अकसर लोगों के मन में सवाल आता है कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो क्या उसके नाम से भी आखिरी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना जरूरी है? और यदि हां, तो यह जिम्मेदारी किसकी होती है? वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 तय की गई है, ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि आयकर विभाग इसके लिए क्या नियम मानता है।

Read News : Indore News : पब कारोबारी भूपेंद्र रघुवंशी की आत्महत्या केस, अनैतिक संबंध से शुरू हुआ रिश्ता पहुंचा आत्महत्या तक, चौकाने वाले खुलासा

नियम क्या कहता है?

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 159 के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, लेकिन उस वित्त वर्ष में उसकी आय हुई है, तो उसका ITR फाइल करना अनिवार्य है।

  • यह जिम्मेदारी मृतक के कानूनी वारिस (Legal Heir) या नॉमिनी की होती है।
  • यदि मृतक ने वसीयत (Will) बनाई है, तो उसमें नामित व्यक्ति ही अंतिम ITR फाइल करेगा।
  • सरल शब्दों में, जिसे मृतक की संपत्ति या आय का अधिकार मिलेगा, उसी पर टैक्स रिटर्न फाइल करने की जिम्मेदारी होगी।

Read News : Indore News : पब कारोबारी भूपेंद्र रघुवंशी की आत्महत्या केस, अनैतिक संबंध से शुरू हुआ रिश्ता पहुंचा आत्महत्या तक, चौकाने वाले खुलासा

कानूनी वारिस को क्या करना होगा?

मृतक की जगह ITR फाइल करने के लिए कानूनी वारिस को इन स्टेप्स का पालन करना होता है:

  1. Representative Assessee के रूप में पंजीकरण करें।

  2. इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें और Register as Representative विकल्प चुनें।

  3. यह दस्तावेज जमा करें:

    • मृतक का PAN कार्ड

    • मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)

    • उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate)

    • वारिस के बैंक अकाउंट की डिटेल्स

उत्तराधिकारी साबित करने की प्रक्रिया

  • पोर्टल पर Register as Representative → Legal Heir विकल्प चुनें।

  • मांगी गई सभी जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें।

  • इनकम टैक्स विभाग आवेदन को वेरिफाई करेगा।

  • स्वीकृति मिलने के बाद ही वारिस मृतक व्यक्ति की ओर से ITR फाइल कर पाएगा।

Read News : Gold-Silver Price : सोना ₹1,02,388 और चांदी ₹1,17,572 पर पहुँची, दोनों धातुएं ऑल-टाइम हाई पर

बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन जरूरी

यदि ITR फाइल करने के बाद कोई टैक्स रिफंड बनता है तो वह कानूनी वारिस को मिलेगा। इसके लिए जरूरी है कि वारिस का बैंक अकाउंट पहले से ही इनकम टैक्स पोर्टल पर प्री-वैलिडेटेड हो।

निष्कर्ष

किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसका आखिरी ITR फाइल करना कानूनी अनिवार्यता है। टैक्स की जिम्मेदारी मौत के साथ खत्म नहीं होती, बल्कि इसे पूरा करना उसके उत्तराधिकारी या नॉमिनी का कर्तव्य बन जाता है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here