CG News : बिलासपुर। कोनी थाना क्षेत्र के लोफंदी गांव में फरवरी माह में हुई रहस्यमयी मौतों का आखिरकार राज़ खुल गया है। एफएसएल जांच रिपोर्ट में साफ हो गया है कि ग्रामीणों की मौत जहरीली महुआ शराब पीने से हुई थी। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मृत शराब कोचिए की पत्नी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है।
CG News : दरअसल, लोफंदी गांव में 5 फरवरी से 7 फरवरी के बीच मौतों का सिलसिला लगातार चलता रहा। पहले दिन एक ग्रामीण की मौत हुई, अगले दिन दो और लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं 7 फरवरी को एक साथ चार लोगों की मौत से पूरे गांव में दहशत फैल गई थी। इस दौरान कुल 7 मौतें दर्ज हुईं और 4 लोग गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।
ग्रामीणों ने शुरुआत से ही जहरीली शराब को मौत की वजह बताया था, लेकिन प्रशासन ने तत्कालीन जांच में फूड पॉइजनिंग को कारण माना था। अधिकारियों का दावा था कि मृतक और उनके परिवारजन 5 फरवरी को शादी समारोह में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने खाना खाया था। साथ ही तालाब से मछली खाने की बात भी जांच में सामने आई थी। हालांकि अब एफएसएल रिपोर्ट ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है और पुष्टि कर दी है कि मौतें जहरीली शराब के सेवन से ही हुईं।
लोफंदी की यह घटना एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में अवैध शराब और उससे जुड़े खतरों को उजागर करती है। ग्रामीण लगातार प्रशासन से ऐसे कारोबार पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।













