Bihar Election 2025 : पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को करारा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और दलित समाज का बड़ा चेहरा माने जाने वाले अशोक राम ने कांग्रेस छोड़कर जनता दल यूनाइटेड (JDU) का दामन थाम लिया है। उन्होंने रविवार को पटना में जेडीयू की सदस्यता ली।
कार्यक्रम के दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, मंत्री विजय चौधरी, श्रवण कुमार, रत्नेश सदा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा मौजूद रहे। अशोक राम की जेडीयू में एंट्री को बिहार की राजनीति में दलित समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जेडीयू की सदस्यता लेने के बाद अशोक राम ने कहा,
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“मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकासशील नेतृत्व और सुशासन से प्रभावित होकर जेडीयू में शामिल हुआ हूं। यह मेरे राजनीतिक जीवन का नया मोड़ है। 2025 में ‘फिर से नीतीश’ के संकल्प को साकार करना है।”
अशोक राम कांग्रेस में 6 बार विधायक, बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वे CWC (कांग्रेस वर्किंग कमिटी) और CEC (केंद्रीय चुनाव समिति) के सदस्य भी रह चुके हैं। वे वर्ष 2000 में राबड़ी देवी सरकार में मंत्री भी रहे थे।
अशोक राम के पिता बालेश्वर राम भी बिहार की राजनीति के मजबूत स्तंभ रहे हैं। वे 1952 से 1977 तक 7 बार विधायक चुने गए और केंद्र सरकार में मंत्री पद तक पहुंचे। उन्हें इंदिरा गांधी की सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया था।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अशोक राम के पार्टी बदलने से कांग्रेस के दलित वोट बैंक पर प्रभाव पड़ सकता है, खासकर उस समय जब पार्टी पहले ही नेतृत्व संकट और संगठनात्मक असंतुलन से जूझ रही है। जेडीयू इसे 2025 चुनावों से पहले एक बड़ी “डैमेज टू कांग्रेस” चाल के रूप में देख रही है।









