Lok Sabha Day 7th : नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन लोकसभा में सोमवार को “ऑपरेशन सिंदूर” पर तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम और बैसरन घाटी में हमला करने वाले तीनों आतंकियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है। इनमें दो की पहचान सुलेमान अफगान और जिब्रान के रूप में हुई है, जो लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन से जुड़े थे।
शाह ने बताया कि ये आतंकी 22 अप्रैल को हुए हमले में शामिल थे, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी। इस हमले के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया। शाह ने जोर देकर कहा कि इस ऑपरेशन में केवल आतंकियों को निशाना बनाया गया और कोई भी सिविलियन हताहत नहीं हुआ।
अखिलेश यादव पर तीखी प्रतिक्रिया
अमित शाह के वक्तव्य के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीच में टिप्पणी करते हुए पूछा, “क्या पाकिस्तान से पुष्टि हुई कि ये आतंकी पाकिस्तानी थे?” इस पर गृहमंत्री नाराज़ हो गए और कहा, “बैठ जाइए अखिलेश जी, आतंकी मारे गए हैं, दुखी मत होइए।” शाह ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन लोगों को आतंकियों के मारे जाने पर भी खुशी नहीं होती, वे शायद धर्म के चश्मे से आतंकवाद को देख रहे हैं।
कांग्रेस पर भी हमला, सिंधु जल संधि को बताया ऐतिहासिक भूल
गृह मंत्री ने कांग्रेस और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर भी तीखे आरोप लगाए। शाह ने कहा कि “कांग्रेस के पूर्व गृहमंत्री अब सबूत मांग रहे हैं, जबकि हमारे पास प्रूफ है। मारे गए आतंकियों के पाकिस्तानी वोटर ID नंबर तक मौजूद हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि मारे गए आतंकियों की जेब से जो चॉकलेट मिले, वे भी पाकिस्तान में बनी हुई थीं।
शाह ने 30 अप्रैल को हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को पूर्ण ऑपरेशनल फ्रीडम दी थी। ऑपरेशन सिंदूर इसी के तहत 7 मई को अंजाम दिया गया। शाह ने बताया कि 100 किलोमीटर अंदर जाकर पीओके में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया।
इसके अलावा शाह ने सिंधु जल संधि को कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इसे सस्पेंड कर दिया है और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा भी रद्द किए जा चुके हैं।
हंगामे के बीच शाह बोले – अभी तो शुरुआत है, धैर्य रखें
सदन में विपक्षी दलों के हंगामे के बीच शाह ने कहा कि अभी उनके पास और भी जानकारियां हैं जो वे सदन के सामने रखेंगे। उन्होंने विपक्ष से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा, “ये चुनावी भाषण नहीं, 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं की अभिव्यक्ति है।”













