Dabra News: डबरा/संदीप शर्मा : एक समय पर स्कूलों को शिक्षा का मंदिर कहा जाता था लेकिन अब निजी स्कूलों को कमाई करने के रूप में खोला जाता है जिसमें शिक्षा विभाग का पूरा सहयोग निजी स्कूल संचालकों को मिल रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं डबरा शहर की डबरा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले कई निजी स्कूल ऐसे हैं जो घरों में चलाए जा रहे हैं। जिनमें ना तो कोई सुविधा है ना बच्चों के लिए बैठने की कोई उचित व्यवस्था है।
Dabra News: स्कूलों में खासकर सीसीटीवी कैमरे एवं आग बुझाने की सामग्री, बच्चों के खेलने के लिए ग्राउंड आदि होना अति आवश्यक है। (और बह नहीं है।) लेकिन डबरा शहर में इन सभी सेवाओं की आवश्यकता नहीं पड़ती घर हो या जर्जर बिल्डिंग हो स्कूल की मान्यता मिल ही जाती है बस आपकी पकड़ होना चाहिए या फिर जेब गरम होना चाहिए।
Dabra News: BRC विवेक चौखोटिया का कहना है। डबरा में 135 स्कूल संचालित है। डबरा शहर में ऐसा कोई स्कूल नहीं है जो घर में खुला हो और स्कूल कहीं भी किसी भी बिल्डिंग में खोला जा सकता है।
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