Anti Narcotics Cell : मुंबई। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ साकीनाका पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर शहर में एक सीक्रेट फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए 192.53 किलो मेफेड्रॉन (MD) जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 390 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
एनडीपीएस केस से खुला पूरा रैकेट
24 अप्रैल 2025 को साकीनाका थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति मादक पदार्थ बेचते हुए पकड़ा गया। शुरुआती जांच में पालघर के कामण गांव से 4.053 किलो एमडी और ड्रग्स बनाने का उपकरण जब्त हुआ था, जिसकी कीमत 8.04 करोड़ रुपये आंकी गई थी। पहले चरण में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
सलीम लंगड़ा की गिरफ्तारी से मिले सुराग
इस नेटवर्क के एक अहम आरोपी सलीम इम्तियाज शेख उर्फ सलीम लंगड़ा (45 वर्ष) को 25 जुलाई को बांद्रा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सलीम ने खुलासा किया कि वह एमडी ड्रग्स की सप्लाई मैसूर से करता था। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचना के आधार पर मैसूर में छापा मारा।
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गैराज के पीछे चल रही थी फैक्ट्री
मैसूर के रिंग रोड स्थित एक गैराज के पीछे नीले शेड में छिपाकर बनाई गई सीक्रेट फैक्ट्री से 381.96 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स और निर्माण सामग्री बरामद हुई। फैक्ट्री को इतनी सावधानी से छिपाया गया था कि स्थानीय लोगों को भी इसकी भनक नहीं लगी।
अंतरराष्ट्रीय रैकेट से जुड़े तार
पुलिस को शक है कि यह सिंडिकेट एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। मामले की जांच अब गहराई से की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।









