Baba Mahakal : उज्जैन/ राजेश व्यास। धार्मिक नगरी उज्जैन में आज बाबा महाकाल की श्रावन मास की दूसरे सवारी निकाली गई। भगवान महाकाल राजसी ठाठ बाट के साथ नगर भ्रमण पर निकले। बाबा की एक झलक पाने के लिए लोगो का हुजूम सडको पर देखा गया।महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे शुरू हुई बाबा की सवारी नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई शिप्रा नदी पहुची। बाबा महाकाल की सवारी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, प्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, गौतम टेटवाल सवारी में शामिल हुए।
Baba Mahakal : शिप्रा नदी के रामघाट पर मुख्यमंत्री द्वारा जल अभिषेक किया गया जिस के बाद सवारी पुनः महाकाल मंदिर के लिए रवाना हुई। बाबा की एक झलक पाने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु रामघाट पर पहुंचे थे। मान्यता हे की भगवान महाकाल सवारी के रूप में अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हे। वहीँ अपने राजा की एक झलक पाने के लिए प्रजा भी घंटो तक सडक के किनारे इंतजार करती हे। शाम को पूजन के बाद राजा महाकाल को चाँदी की पालकी में बैठाकर मंदिर से बाहर लाया गया। मंदिर से निकलते ही पुलिस बैंड औऱ जवानो के द्वारा सवारी को गार्ड आफ ओनर दिया गया । सवारी के आगे घोडा, बेंड, पुलिस टुकड़ी तथा भजन मंडलियाँ चल रही थी।
Baba Mahakal : गाजे बाजे के साथ निकली सवारी का सफ़र लगभग आठ किलोमीटर का है। बाबा महाकाल की सवारी में एक और जहां मुख्यमंत्री की इच्छा अनुसार आदिवासी कलाकारों द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुति दी गई। तो वहीं दूसरी और खुद मुख्यमन्त्री डॉ मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने पालकी का पूजन किया और सवारी में शामिल हुए।
Baba Mahakal : मंदिर के मुख्य द्वार से राजाधिराज महाकाल की पालकी नगर भ्रमण के लिए निकली तब केवल पारंपरिक नौ भजन मंडलियां व झांझ डमरू दल को सवारी में शामिल किया गया। यहां बता दें कि सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंची । जहॉ माँ क्षिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया गया । इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होते हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी ।











