CG Breaking : रायपुर: छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित भारतमाला परियोजना के मुआवजा घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शुक्रवार को 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त अमीन गोपाल राम वर्मा, लोकसेवक नरेंद्र कुमार नायक और 4 अन्य – खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू और कुंदन बघेल शामिल हैं। सभी आरोपियों को रायपुर स्थित विशेष न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
CG Breaking : गिरफ्तार आरोपियों में खेमराज कोसले पूर्व जिला पंचायत सदस्य और अभनपुर जनपद अध्यक्ष रह चुका है, जबकि कुंदन बघेल नगर पंचायत अभनपुर का पूर्व अध्यक्ष और पुनुराम देशलहरे नायकबांधा के पूर्व सरपंच रह चुके हैं।
CG Breaking : जांच में सामने आया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पूर्व में अधिग्रहित की गई जमीनों को लेकर गलत रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं, अन्य आरोपियों ने राजस्व विभाग के फरार अधिकारियों के साथ मिलकर खाता विभाजन (बटांकन) और अन्य प्रक्रियाओं में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की मुआवजा राशि हड़पी और किसानों से कमीशन भी वसूला।
CG Breaking : क्या है भारतमाला परियोजना घोटाला?
CG Breaking : भारतमाला योजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक 546 किमी लंबी फोरलेन/सिक्सलेन सड़क का निर्माण हो रहा है। इसके लिए बड़ी मात्रा में किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई, जिनके बदले में उन्हें मुआवजा दिया जाना था। जांच में खुलासा हुआ कि कई राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ भूमाफियों को उनकी जमीन की वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक मुआवजा दिलाया गया, जिससे सरकार को लगभग 600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
CG Breaking : इस प्रकरण में पूर्व एसडीएम निर्भय कुमार साहू, तहसीलदार शशिकांत कुर्रे, नायब तहसीलदार लखेश्वर किरण और तीन पटवारी – जितेंद्र साहू, बसंती धृतलहरे और लेखराम देवांगन के खिलाफ भी मामला दर्ज है। ये सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
CG Breaking : मार्च 2025 में मामले के सामने आने के बाद इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। फिलहाल, ईओडब्ल्यू पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।









