निवाड़ी। रिपोर्टर : देवेश गुप्ता। MP Niwari News : निवाड़ी जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने RTI कानून और लोकतंत्र की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज़िले के डीपीसी फूलसिंह दिनकर का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह आरटीआई कार्यकर्ता से साफ कहते नजर आ रहे हैं – “जानकारी नहीं दूंगा, मेरी मर्जी, कुर्सी भी खरीद के बैठे हैं, अखबार सब फर्जी होते हैं।” यह वीडियो बिनवारा गांव के समाजसेवी अंकित शर्मा ने चुपचाप रिकॉर्ड किया था, जब वे डीपीसी ऑफिस में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मांगने पहुंचे थे।
MP Niwari News : आरटीआई एक्ट के तहत जानकारी मांगने पर डीपीसी ने न सिर्फ जानकारी देने से इनकार किया, बल्कि पावती देने से भी साफ मना कर दिया। वीडियो में डीपीसी यह कहते सुने जा सकते हैं कि “इस जिले में अच्छा काम करने वालों को नहीं करने दिया जाता, जो भ्रष्ट हैं वही आगे बढ़ते हैं।” उन्होंने यह तक कहा कि “यह कुर्सी हमने खरीदी है।” डीपीसी की इस टिप्पणी से प्रशासनिक व्यवस्था की नींव पर गंभीर सवाल उठते हैं।
अब सवाल उठता है कि क्या इस बेशर्मी पर सरकार और राज्य सूचना आयोग कोई सख्त कार्रवाई करेगा? क्या ऐसे अधिकारी को बर्खास्त कर EOW जांच के दायरे में लाया जाएगा? RTI एक्ट का ऐसा अपमान और भ्रष्टाचार की खुली स्वीकारोक्ति लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।











