Haldiram-Patanjali Products Failed: कोरबा। त्योहारी सीजन नजदीक आते ही मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में लोग मिलावट से बचने के लिए स्थानीय उत्पादों के बजाय नामी ब्रांड्स पर भरोसा करते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खाद्य विभाग की जांच ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में हल्दीराम और पतंजलि जैसे बड़े ब्रांड्स के उत्पाद भी खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
खाद्य विभाग के मुताबिक, पिछले 10 महीनों के दौरान जिले में अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 120 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 20 नमूने अमानक पाए गए। यानी करीब 17 प्रतिशत खाद्य नमूने गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर फेल रहे। जांच में पतंजलि का शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ले व चना जैसे उत्पाद भी शामिल हैं।
Haldiram-Patanjali Products Failed: खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इससे फूड पॉइजनिंग के अलावा कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में 10 लाख रुपये तक के जुर्माने और उम्रकैद तक का प्रावधान है।
चार दुकानों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर सोमवार को खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की चार दुकानों में जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकानदारों पर कुल 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।
रेस्टोरेंट और डेयरियों पर भी कार्रवाई
Haldiram-Patanjali Products Failed: खाद्य विभाग की ओर से जिले के कई रेस्टोरेंट और डेयरियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है। इन पर पहले ही लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग का कहना है कि जांच और कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाना और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच इस जांच रिपोर्ट ने पैकेटबंद और ब्रांडेड उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।