रायपुर। Nishaanebaz.com-Cyclone-Arnab-Impact-Chhattisgarh: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। राज्य की राजधानी रायपुर सहित कई प्रमुख जिलों में सुबह से ही रुक-रुक कर बूंदाबांदी का दौर जारी है, जबकि कुछ मैदानी और वनांचल इलाकों में बीती रात से लगातार हो रही बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है。 भारी अतिवृष्टि की आशंका और सुरक्षात्मक उपायों के तहत जिला प्रशासनों ने स्कूलों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।







राज्य शासन द्वारा जारी सामान्य दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित जिलों के जिला कलेक्टरों के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा स्कूलों की छुट्टी से जुड़े आधिकारिक निर्देश जारी किए गए हैं。 इस व्यवस्था के तहत रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, कांकेर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सूरजपुर जिलों में 29 अक्टूबर को सभी शिक्षण संस्थान पूर्णतः बंद रहेंगे。 प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि अवकाश से जुड़ा यह नियम संबंधित जिलों के सभी शासकीय (सरकारी) और अशासकीय (निजी) विद्यालयों पर समान रूप से लागू किया जाएगा।
छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को भी स्थगित कर दिया गया है। चक्रवाती तूफान के कारण होने वाली तेज आंधी और अतिवृष्टि की संभावना को ध्यान में रखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ और उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है。 जारी आदेशों के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को इन क्षेत्रों के तमाम आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह से बंद रखे जाएंगे ताकि बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाया जा सके।