अंबिकापुर। Nishaanebaz.com-Ambikapur-DMF-Fund-Scam: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला सत्र न्यायालय के सख्त आदेश के बाद स्थानीय पुलिस ने जनपद पंचायत के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस पूरे मामले में मणिपुर थाने में औपचारिक रूप से अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, जिन लोगों के खिलाफ यह गंभीर मामला दर्ज किया गया है, उनमें जनपद पंचायत के रिटायर्ड सीईओ के साथ-साथ सब इंजीनियर, कार्यालयीन लिपिक, ग्राम पंचायत सचिव और तत्कालीन सरपंच भी शामिल हैं। इसके अलावा, इस मामले में करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों को अंजाम देने वाली दो बड़ी ठेका कंपनियों को भी नामजद किया गया है। शुरुआती जांच और शिकायतों में यह बात सामने आई थी कि प्रशासनिक पद पर बैठे लोगों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रखा और सरकारी धन का निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया।
पूरा विवाद जिला खनिज न्यास निधि (DMF) की राशि में की गई कथित हेराफेरी से जुड़ा हुआ है। अंबिकापुर में स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय के कैंपस निर्माण कार्य के लिए डीएमएफ मद से लगभग 1.32 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई थी। आरोप है कि इसी फंड के निर्माण कार्यों के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेका कंपनियों ने आपसी साठगांठ कर बड़ी मात्रा में हेराफेरी की और सरकारी पैसे का गोलमाल किया। इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर फर्जी बिल और अन्य मनगढ़ंत दस्तावेज तैयार किए गए थे।
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इस गंभीर मामले को उजागर करने में सामाजिक कार्यकर्ता अभय नारायण पांडे ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने इस वित्तीय घोटाले की सिलसिलेवार शिकायत सरगुजा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की थी। हालांकि, लंबे समय तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने न्याय की उम्मीद में अदालत का दरवाजा खटखटाया। जिला सत्र न्यायालय में चली लंबी और गंभीर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट आदेश दिए।
मणिपुर थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, जिन लोगों पर शिकंजा कसा गया है उनमें रिटायर्ड जनपद सीईओ एसएन तिवारी, सब इंजीनियर विवेक प्रताप सिंह राठौड़, उपेंद्र सिंह सेंगर, लिपिक शैलेन्द्र मिश्रा, तत्कालीन पंचायत सचिव राम प्रकाश यादव, केशवपुर के तत्कालीन सरपंच इमतान सिंह, सुयश अग्रवाल, अरविंद कुमार अग्रवाल के अलावा अनन्या कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ कुल आठ अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सूत्रों का मानना है कि इस मामले में जल्द ही पुलिस आरोपियों से पूछताछ और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई भी कर सकती है।