Health: करवाचौथ इस साल 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन कई महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ सूर्योदय से चांद निकलने तक निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में लंबे समय तक खाना-पानी छोड़ना परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए व्रत रखने से पहले अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है।
गर्भवती महिलाएं
प्रेग्नेंसी में शरीर को पर्याप्त पोषण और पानी की जरूरत होती है। लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से कमजोरी, चक्कर और डिहाइड्रेशन हो सकता है। गर्भवती महिलाएं व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें और जोखिम होने पर निर्जला उपवास से बचें।
स्तनपान कराने वाली महिलाएं
बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाओं को पर्याप्त तरल पदार्थ और पोषण की जरूरत होती है। पानी न पीने से थकान और डिहाइड्रेशन हो सकता है। खासकर छोटे बच्चे को नियमित स्तनपान कराने वाली महिलाएं व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।
डायबिटीज से पीड़ित महिलाएं
डायबिटीज में लंबे समय तक भोजन न करने से ब्लड शुगर बहुत कम या ज्यादा हो सकती है। इंसुलिन या शुगर नियंत्रित करने वाली दवाएं लेने वालों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा का समय या खुराक न बदलें।
दिल की बीमारी वाली महिलाएं
हृदय संबंधी बीमारी में दवाओं, पानी और खानपान का संतुलन जरूरी हो सकता है। निर्जला व्रत से डिहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर में बदलाव का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसी महिलाएं व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
एनीमिया, लो बीपी या किडनी की समस्या
खून की कमी, कम ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी से जूझ रही महिलाओं को लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से कमजोरी, चक्कर या दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। यदि पहले से थकान या चक्कर आते हैं, तो व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
पीरियड्स में ज्यादा परेशानी होने पर
मासिक धर्म के दौरान कुछ महिलाओं को तेज दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग और कमजोरी होती है। ऐसी स्थिति में निर्जला व्रत से परेशानी बढ़ सकती है। अपनी स्थिति के अनुसार फैसला लें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
व्रत में सेहत को न करें नजरअंदाज
करवाचौथ आस्था से जुड़ा त्योहार है, लेकिन स्वास्थ्य से समझौता करना जरूरी नहीं। गर्भावस्था, स्तनपान या किसी बीमारी की स्थिति में व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। चक्कर, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी या तबीयत बिगड़ने पर व्रत जारी रखने के बजाय तुरंत मदद लें।