Raipur Municipal Corporation: रायपुर में अब मलबा फेंकना पड़ेगा महंगा! एक गलती पर 1 लाख का जुर्माना, जानिए क्या है नया नियम

Sanjay Sahu
Raipur Municipal Corporation

Raipur Municipal Corporation: रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क, नाली और जलस्रोतों में निर्माण या तोड़फोड़ का मलबा फेंकना अब महंगा पड़ सकता है। रायपुर नगर निगम ने मलबा प्रबंधन को लेकर सख्त उपनियमों का मसौदा तैयार किया है। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने और बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन जब्त करने का प्रस्ताव है। हालांकि, ये प्रावधान फिलहाल मसौदे का हिस्सा हैं और इन्हें अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

सड़क पर मलबा फेंका तो 50 हजार तक जुर्माना

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, सड़क या खाली जगह पर वाहन से मलबा फेंकने पर पहली बार 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। तीसरी बार या उसके बाद उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना और वाहन जब्त करने का प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं, नाली, नाले या जलस्रोत में मलबा डालने पर पहली बार 25 हजार रुपये और बार-बार ऐसा करने पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

मकान तोड़ने से पहले निगम से अनुमति जरूरी

मसौदे में किसी भी भवन को तोड़ने से पहले नगर निगम की अनुमति लेना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। इसके लिए आवेदन में मलबे की अनुमानित मात्रा, तोड़फोड़ की अवधि, धूल नियंत्रण के उपाय, सुरक्षा व्यवस्था और मलबे के परिवहन स्थल की जानकारी देनी होगी। मलबे को अधिकृत केंद्र तक पहुंचाने का प्रमाण भी देना पड़ सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, निर्धारित शर्तें पूरी नहीं होने पर भवन का पूर्णता या अधिभोग प्रमाणपत्र जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है।

सड़क पर 24 घंटे से ज्यादा नहीं रख सकेंगे मलबा

प्रस्तावित नियमों के तहत बिना लिखित अनुमति सड़क, फुटपाथ, नाली, नाले, जलस्रोत या नगर निगम के पार्क में 24 घंटे से अधिक मलबा रखने की अनुमति नहीं होगी। मलबे को घरेलू कचरे में मिलाना भी प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है। हाथठेले या सिर पर ढोकर एक टन से कम मलबा अवैध रूप से फेंकने पर पहली बार 2 हजार रुपये और बार-बार उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

बड़े निर्माण प्रोजेक्टों पर भी रहेगी नजर

20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक निर्मित क्षेत्र वाले निर्माण और तोड़फोड़ प्रोजेक्टों के लिए मलबा प्रबंधन योजना प्रस्तुत करना प्रस्तावित है। इसमें मलबे की मात्रा, सामग्री का वर्गीकरण, भंडारण, परिवहन और पुनर्चक्रण की जानकारी देनी होगी। मलबा ले जाने वाले अधिकृत वाहनों को ढककर रखना होगा। बड़े प्रोजेक्टों के वाहनों में जीपीएस लगाने की शर्त भी मसौदे में शामिल है।

निगम के सभी 10 जोन में बनेंगे मलबा संग्रह केंद्र

नगर निगम ने एक साल के भीतर सभी 10 जोन में कम से कम एक मलबा संग्रह केंद्र अधिसूचित करने का लक्ष्य प्रस्तावित किया है। पुराने अवैध डंपिंग स्थलों की पहचान कर उनके निपटान की योजना भी बनाई जाएगी। नागरिक मलबा फेंकने से जुड़ी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1100, वार्ड कार्यालय या संबंधित मोबाइल एप के माध्यम से कर सकेंगे। शिकायतों का निपटारा 15 कार्यदिवस में करने का प्रस्ताव है।

हर महीने हजारों टन मलबा निकलने का अनुमान

आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में हर महीने करीब 20 हजार मकानों से 20 हजार टन मलबा निकलने का अनुमान है। इस हिसाब से एक साल में लगभग 2.40 लाख मकानों से 2.40 लाख टन मलबा निकलने का अनुमान जताया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में निकलने वाले मलबे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, परिवहन और निपटान करना नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है।

Raipur Municipal Corporation: एमएआईसी में रखा जाएगा प्रस्ताव

Raipur Municipal Corporation: रायपुर नगर निगम के कमिश्नर संबित मिश्रा के अनुसार, निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान जरूरी है। इसी उद्देश्य से उपनियमों का मसौदा तैयार किया जा रहा है। इसे एमएआईसी में प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा। चर्चा और अनुमोदन के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद मलबे के संग्रहण, परिवहन, निपटान और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था तय होगी।

 

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *