नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Stock Market Recovery: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त और भारी बिकवाली के साथ हुई थी, लेकिन दोपहर के सत्र में बाजार ने जोरदार वापसी करते हुए अपनी चाल बदल ली। शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया के बढ़ते भू-राजनीतिक संकट के चलते सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक लुढ़क गया था, जिससे निवेशकों को चंद मिनटों में बड़ा झटका लगा। हालांकि, निचले स्तरों पर हुई खरीदारी के दम पर बाजार हरे निशान पर लौटने में कामयाब रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी की लाइव स्थिति
दोपहर के कारोबार में प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स संभलते नजर आए:
-
सेंसेक्स: शुरुआती कारोबार के डे-लो (72,514) और डे-हाई (73,491) के बीच उतार-चढ़ाव झेलने के बाद सेंसेक्स 213 अंकों की बढ़त के साथ 73,337 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
-
निफ्टी 50: निफ्टी ने भी अपनी ‘हाफ सेंचुरी’ पूरी करते हुए 60 अंकों की तेजी के साथ 22,660 के आसपास कारोबार दर्ज किया।
टॉप गेनर्स और मार्केट का हाल
बाजार में आई इस रिकवरी के दौरान कोटक बैंक (लगभग 2.29% ऊपर 439.95 रुपये), अडानी पोर्ट्स, सन फार्मा, टाटा स्टील और इटरनल जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके विपरीत, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस और टेक महिंद्रा के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। दूसरी ओर, व्यापक बाजार (Broader Market) में अभी भी सुस्ती के संकेत हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 407 शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, जबकि 182 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है।
शुरुआती कारोबार में क्यों टूटे थे बाजार?
दिन की शुरुआत में गिफ्ट निफ्टी के कमजोर संकेतों और एशियाई बाजारों के मिले-जुले रुख के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल था। कच्चे तेल के दामों में उछाल आने से घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव की आशंका के चलते बिकवाली हावी हो गई थी। शुरुआती गिरावट के कारण बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 447 लाख करोड़ रुपये के आसपास आ गया था, जिससे निवेशकों को चंद मिनटों में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का झटका लगा था।
एक्सपर्ट्स की नजर में अहम सपोर्ट स्तर
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा उतार-चढ़ाव भरे माहौल में सेंसेक्स के लिए 72,300 से 72,500 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट जोन का काम कर रहा है, जबकि ऊपर की तरफ 73,500 से 73,800 का स्तर एक कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी रहेगी।
बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक निफ्टी अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज और सपोर्ट स्तरों के ऊपर टिके रहने में कामयाब होता है, तब तक निचले स्तरों पर निवेशकों की ओर से चुनिंदा खरीदारी का सिलसिला जारी रह सकता है।