Jabalpur News: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में नो-एंट्री पॉइंट पर ड्यूटी के दौरान थाना प्रभारी (टीआई) और प्रधान आरक्षक के बीच विवाद का मामला सामने आया है। शहपुरा थाना क्षेत्र में हुए इस विवाद में हवलदार लखन निषाद ने टीआई प्रवीण धुर्वे पर मारपीट करने और दांत तोड़ने का आरोप लगाया है। हैरानी की बात यह है कि हवलदार की शिकायत के बाद उन्हें ही निलंबित कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रधान आरक्षक पर अनुशासनहीनता का आरोप है और मामले की जांच एसडीओपी पाटन को सौंपी गई है। वहीं, टीआई ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है।
नो-एंट्री पॉइंट पर ट्रक को लेकर शुरू हुआ विवाद
घटना 18 अक्टूबर की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, शहपुरा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक लखन निषाद की ड्यूटी ऑयल डिपो के पास नो-एंट्री पॉइंट पर लगी थी। इसी दौरान पूजन सामग्री से भरे एक ट्रक के चालक ने आगे जाने की अनुमति लेने के लिए अधिकारियों का नंबर मांगा।
बताया जा रहा है कि लखन निषाद ने चालक को थाना प्रभारी प्रवीण धुर्वे का नंबर दिया और कहा कि अनुमति मिलने पर ही वाहन को आगे जाने दिया जाएगा। इसके बाद चालक ने टीआई को फोन कर दिया और बताया कि हवलदार ने उनका नंबर दिया है।
फोन पर बहस के बाद मौके पर पहुंचे टीआई
हवलदार लखन निषाद के आरोप के मुताबिक, ट्रक चालक के फोन करने के बाद टीआई प्रवीण धुर्वे नाराज हो गए। दोनों के बीच फोन पर बहस हुई। इसके कुछ समय बाद टीआई चालक राहुल गुप्ता और आरक्षक विकास कुमार के साथ मौके पर पहुंचे।लखन निषाद का आरोप है कि वहां उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट हुई। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनका एक दांत टूट गया, चश्मा क्षतिग्रस्त हो गया और नाक व सिर में चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी वर्दी फट गई। गंभीर चोटों के चलते उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
शिकायत के बाद हवलदार को किया गया निलंबित
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी ने बताया कि रविवार देर रात अमन ढाबा के पास वाहनों को रोकने के दौरान प्रधान आरक्षक लखन निषाद ने थाना प्रभारी के साथ अनुशासनहीनता की थी। इसी आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है।अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एसडीओपी पाटन को सौंपी गई है। जांच में दोनों पक्षों के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
टीआई ने मारपीट के आरोपों को नकारा
थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि न तो गाली-गलौज हुई और न ही मारपीट की गई। टीआई के मुताबिक, हवलदार वाहनों को छोड़ने की बात कह रहे थे और उन्हें केवल समझाइश दी गई थी।उन्होंने यह भी कहा कि ग्वालियर में हुए गंभीर सड़क हादसे के बाद नो-एंट्री पॉइंट पर निगरानी सख्त की गई थी। इसी वजह से वाहनों को लेकर नियमों का पालन कराया जा रहा था।
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जांच के नतीजों पर टिकी नजर
इस मामले में एक ओर हवलदार ने मारपीट और चोट पहुंचाने के आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर टीआई ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस ने हवलदार को निलंबित करने की बात कही है और जांच की जिम्मेदारी एसडीओपी पाटन को दी गई है।अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि नो-एंट्री पॉइंट पर विवाद किस वजह से बढ़ा, मारपीट हुई या नहीं और दोनों पक्षों की भूमिका क्या रही। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति साफ होगी।