Rewa Rozhouhi Nuclear Plant Standoff: ‘जान दे देंगे लेकिन जहरीला प्लांट नहीं लगने देंगे’… कलेक्टर की समझाइश बेअसर, आर-पार के मूड में ग्रामीण

VIKASH KHALKHO

रीवा। Nishaanebaz.com-Rozhouhi Nuclear Power Plant Standoff: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सिरमौर तहसील अंतर्गत प्रस्तावित रोझौही न्यूक्लियर पावर प्लांट (Rozhouhi Nuclear Power Plant) को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार (15 अक्टूबर 2026) की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच रीवा के कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक रोझौही स्थित प्रस्तावित साइट पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों को शांत कराने व सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। हालांकि, कलेक्टर की तमाम दलीलें और समझाइश ग्रामीणों के विरोध के आगे पूरी तरह बेअसर साबित हुईं।

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कलेक्टर से तीखा सवाल—”फायदे बता रहे हैं, नुकसान कौन बताएगा?”

स्थल पर अचानक पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने जब ग्रामीणों को न्यूक्लियर पावर प्लांट से क्षेत्र में होने वाले आर्थिक विकास, रोजगार और अन्य फायदों के बारे में समझाना शुरू किया, तो उपस्थित जनता का गुस्सा फूट पड़ा।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से सीधे और तीखे सवाल पूछते हुए कहा— “आप यहां केवल इस प्लांट के फायदे गिनाने आए हैं या इससे होने वाले विनाशकारी नुकसान, रेडिएशन और खतरों से भी हमें अवगत कराएंगे?” इस सीधे सवाल के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के पास कोई ठोस जवाब नहीं सूझा।

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रेडिएशन, गंभीर बीमारियां और विस्थापन का खौफ

प्रस्तावित साइट पर मौजूद रोझौही सहित आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों निवासियों ने परमाणु संयंत्र से फैलने वाले संभावित परमाणु विकिरण (Radiation), उससे होने वाले कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों तथा अपनी पुरखों की जमीन से विस्थापन को लेकर गहरी चिंता जताई।

कलेक्टर द्वारा काफी देर तक दिए गए तर्कों को खारिज करते हुए ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा, पर्यावरण और आजीविका से जुड़ी चिंताओं का ठोस निराकरण नहीं होता, वे किसी भी सूरत में यहां न्यूक्लियर प्लांट का निर्माण नहीं होने देंगे। जब प्रशासनिक अधिकारियों ने तर्क दिया कि यह शासन का प्रोजेक्ट है, तो ग्रामीणों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शासन या प्रशासन जनमत और स्वास्थ्य की अवहेलना करके कोई भी फैसला उन पर जबरन नहीं थोप सकता।

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‘बोर होल स्टडी’ का लगातार विरोध, प्रोजेक्ट हटाने की मांग

इस दौरान कलेक्टर के साथ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिरमौर सृष्टि जायसवाल तथा तहसीलदार बिंदु तिवारी सहित भारी प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो चुका है कि क्षेत्र की जनता न केवल न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना के खिलाफ है, बल्कि वे इसके शुरुआती चरण ‘बोर होल स्टडी’ (Borehole Study) की अनुमति देने के मूड में भी नहीं हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन जनभावनाओं की कद्र करे और इस प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को रोझौही से तत्काल किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित (Shift) करे।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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