Balaghat Mysterious Disease: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी इलाकों में एक रहस्यमयी बीमारी ने चिंता बढ़ा दी है। बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी के चलते 26 जून से अब तक आठ बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इनमें एक बच्चे की मौत मंगलवार रात इलाज के दौरान हुई।बीमारी की वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। जबलपुर मेडिकल कॉलेज और बालाघाट के डॉक्टरों की टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुकी है, लेकिन बच्चों की मौत का असली कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हुआ है।
बालाघाट की अडोरी और मछुरदा पंचायत के बैगा बहुल आदिवासी इलाकों में पिछले करीब दो महीने से बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता लगातार बढ़ रही है।बताया जा रहा है कि इन इलाकों में सैकड़ों बच्चे बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तीन साल की प्रियंका की भी मौत
इस बीमारी से पीड़ित तीन वर्षीय प्रियंका धुर्वे को 9 अगस्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी के बीच प्रियंका का इलाज किया जा रहा था, लेकिन 11 अगस्त की रात उसने दम तोड़ दिया।प्रियंका की मौत के बाद प्रभावित क्षेत्र में इस बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या आठ हो गई है। लगातार हो रही मौतों के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल बताया जा रहा है।
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डॉक्टर भी नहीं खोज पाए बीमारी की वजह
मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर मेडिकल कॉलेज और बालाघाट के डॉक्टरों की टीम प्रभावित इलाकों में पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सकों ने बच्चों की स्थिति और उपलब्ध मेडिकल जानकारी की जांच की।हालांकि अभी तक बीमारी की सटीक वजह सामने नहीं आई है। यही सबसे बड़ी चिंता का कारण बनी हुई है।
पुणे भेजे गए सैंपल
बीमारी की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए मरीजों के सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं। बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी का राज अब इन जांच रिपोर्टों से खुलने की उम्मीद है।विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों में बीमारी किस कारण से फैल रही है और मौतों की वास्तविक वजह क्या है।
बैगा बहुल इलाकों में बढ़ी चिंता
अडोरी और मछुरदा पंचायत के जिन इलाकों में बीमारी के मामले सामने आए हैं, वहां बड़ी संख्या में बैगा समुदाय के लोग रहते हैं। बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी के कारण इन आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था और बच्चों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।सैकड़ों बच्चों के बीमार होने और आठ मौतों की जानकारी सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
एक बच्चे की मौत के बाद फिर बढ़ी चिंता
मंगलवार रात एक और बच्चे की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने स्थिति को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी से लगातार बच्चों की मौत का कारण पता लगाना अब सबसे बड़ी चुनौती है।स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की टीम स्थिति पर नजर रख रही है। वहीं जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
रिपोर्ट आने के बाद खुलेगा बीमारी का राज
फिलहाल बीमारी को लेकर किसी एक कारण की पुष्टि नहीं हुई है। बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी के मामले में जल्दबाजी में किसी बीमारी का नाम या कारण तय करना उचित नहीं होगा।पुणे भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग यह तय कर सकेगा कि बीमारी की रोकथाम के लिए किन कदमों की जरूरत है और प्रभावित बच्चों को किस तरह का इलाज दिया जाना चाहिए।

