Tips and Tricks: सफेद तकिया इस्तेमाल करते-करते धीरे-धीरे पीला पड़ने लगता है। इसकी वजह अक्सर शरीर से निकलने वाला पसीना, त्वचा का तेल, लार और रोजमर्रा की गंदगी होती है। कई बार तकिए का कवर धोने के बाद भी अंदर के तकिए पर दाग और बासी गंध बनी रहती है। ऐसे में उसे तुरंत फेंकने या बदलने की जरूरत नहीं है। सही तरीके से सफाई करके तकिए के पीलेपन और गंध को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सफाई से पहले जरूर देखें केयर लेबल
फाइबर और पॉलिएस्टर से भरे कई तकियों को वॉशिंग मशीन में धोया जा सकता है। कुछ पंखों वाले तकिए भी निर्माता के निर्देशों के अनुसार धोए जा सकते हैं। वहीं, मेमोरी फोम और लेटेक्स से बने तकियों को मशीन में धोने से उनका आकार और बनावट खराब हो सकती है।
हल्के दागों के लिए अपनाएं घरेलू तरीका
तकिए पर हल्का पीलापन या दाग दिखाई दे, तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे थोड़े पानी के साथ मिलाकर पेस्ट तैयार करें और पहले तकिए के किसी छिपे हुए हिस्से पर आजमाएं। अगर कपड़े पर कोई खराब असर न दिखे, तो मुलायम कपड़े की मदद से दाग वाली जगह पर हल्के हाथों से लगाएं। कुछ देर बाद साफ, नम कपड़े से पेस्ट हटा दें।
मशीन में धोने वाले तकिए की ऐसे करें सफाई
अगर केयर लेबल पर मशीन वॉश की अनुमति है, तो सामान्य डिटर्जेंट और बताए गए पानी के तापमान के अनुसार तकिए को धोएं। मशीन में दो तकिए एक साथ धोने से ड्रम का संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है, बशर्ते मशीन में पर्याप्त जगह हो। जरूरत पड़ने पर रिंस साइकिल चलाएं, ताकि डिटर्जेंट निकल जाएं।
धूप और हवा से भी मिलेगी मदद
तकिए को साफ करने के बाद किसी सूखी और हवादार जगह पर रखें। अगर निर्माता के निर्देश अनुमति देते हैं, तो कुछ समय के लिए धूप में भी सुखा सकते हैं। बीच-बीच में तकिए को पलटते रहें, ताकि दोनों तरफ की नमी निकल सके। रंगीन कवर को तेज धूप में लंबे समय तक रखने से बचें, क्योंकि उसका रंग फीका पड़ सकता है।
तकिए को दोबारा पीला पड़ने से ऐसे बचाएं
तकिए को साफ रखने के लिए उसका कवर नियमित रूप से धोएं और ऊपर से तकिया प्रोटेक्टर लगाएं। इससे पसीने, त्वचा के तेल और रोजमर्रा की गंदगी को सीधे तकिए तक पहुंचने से कम करने में मदद मिलती है। तकिए को समय-समय पर हवा लगाना भी अच्छा रहता है। अगर तकिया बहुत पुराना है, उसमें लगातार गंध आती है या उसकी भराई खराब हो गई है, तो उसे बदलना बेहतर हो सकता है।


