रीवा। Nishaanebaz.com-Bichhiya Police Controversy: मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित बिछिया थाना पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। पुलिस पर एक मकान में दबिश देकर 5 लोगों को हिरासत में लेने, कथित तौर पर ‘सौदेबाजी’ के बाद 3 लोगों को छोड़ने और शेष 2 निर्दोषों पर फर्जी तरीके से नारकोटिक्स (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। आरोपी जावेद अहमद की पत्नी स्वलेहा बेगम ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस अधीक्षक (SP) रीवा को सीसीटीवी फुटेज के साथ लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है।
‘घर में काम चल रहा था, पुलिस आई और मोबाइल छीनकर ले गई’ पीड़िता स्वलेहा बेगम ने अपने आवेदन में पूरी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दिनांक 11 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7 बजे जब वे अपने पति जावेद अहमद के साथ अपने मकान की मरम्मत करवा रही थीं, तभी बिछिया थाने की पुलिस टीम वहां आ धमकी। पुलिस ने वहां मौजूद जावेद, उनके साथी सुमित सोनी (निवासी उपरहटी), समीर खान (निवासी बिछिया), राहुल मिश्रा (निवासी अमिलकी) और शिबू खान (निवासी बिछिया) की तलाशी ली।
आरोप है कि तलाशी में कुछ भी संदिग्ध या अवैध न मिलने पर पुलिस ने पांचों युवकों के मोबाइल छीनकर एक झोले में डाल लिए और पूछताछ के नाम पर थाने ले गई। पीड़िता का दावा है कि इस पूरी कार्रवाई की स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज उनके पास उपलब्ध है, जिसमें पुलिस की गतिविधियां कैद हैं।
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थाने में थर्ड डिग्री देने और फर्जी जब्ती का आरोप पीड़िता ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बिछिया थाने ले जाकर उनके पति को ‘थर्ड डिग्री’ यातनाएं दी गईं, जिसके कारण देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस को उन्हें जिला चिकित्सालय ले जाना पड़ा।
स्वलेहा बेगम का दावा है कि घटना स्थल से लेकर बिछिया थाने तक की सीसीटीवी फुटेज देखने पर यह साफ जाहिर होता है कि पुलिस की पूरी कार्रवाई प्रायोजित और फर्जी है। केवल दो लोगों को बलि का बकरा बनाकर उन पर अवैध गांजे की जब्ती दर्शा दी गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने दी सफाई, जांच के दिए आदेश इस पूरे हाई-वोल्टेज घटनाक्रम और बिछिया पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) भावना मरावी ने बताया कि बिछिया पुलिस ने गांजे के साथ दो आरोपियों को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की है।
हालांकि, परिजनों द्वारा प्रस्तुत किए गए वीडियो/सीसीटीवी फुटेज और लगाए गए गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।


