देवास। Nishaanebaz.com-Dewas Cyber Fraud Arrest: मध्य प्रदेश के देवास जिले की कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए बिहार के कटिहार जिले से मुख्य आरोपी को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारी को पेंशन कार्ड अपडेट करने और टैक्स में छूट दिलाने का झांसा दिया था और उनके बैंक खाते से 6,03,000 रुपये की बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करवा ली थी। पुलिस ने हजारों किलोमीटर दूर बिहार तक तकनीकी सर्विलांस के जरिए जाल बिछाया और आरोपी के घर की अलमारी से 5 लाख रुपये नगद भी बरामद किए।
पेंशन और टैक्स छूट का झांसा देकर बनाया निशाना पुलिस से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, LIC से सेवानिवृत्त 62 वर्षीय मनोहर लाल सिलोदिया के पास कुछ समय पहले एक फोन आया था। कॉलर ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए उन्हें झांसे में लिया कि उनका पेंशन कार्ड अपडेट होना है और उन्हें टैक्स में भारी छूट मिल सकती है। इस जालसाजी में फंसकर बुजुर्ग ने जैसे ही अपनी गोपनीय जानकारी और निर्देश माने, उनके बैंक खातों से कुल 6 लाख 3 हजार रुपये पार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली देवास में अपराध क्रमांक 0565/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर तुरंत विशेष टीम का गठन किया गया।
बिहार के कटिहार से पकड़ाया आरोपी, झारखंड के जामताड़ा से जुड़े तार पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Surveillance) के आधार पर अपराधियों की लोकेशन ट्रैक की। इसके बाद पुलिस टीम बिहार के कटिहार पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से 21 वर्षीय आरोपी सचिन कुमार (पिता उमेश पासवान, निवासी कटिहार) को धर दबोचा।
तलाशी के दौरान आरोपी के घर की अलमारी से ठगी की रकम में से 5 लाख रुपये नगद बरामद किए गए। अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को 27 अक्टूबर 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस साइबर ठगी नेटवर्क के तार झारखंड के कुख्यात जामताड़ा गिरोह से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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पुलिस प्रशासन की आम जनता से अपील इस सफल कार्रवाई के बाद देवास पुलिस ने नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है:
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फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया पर बैंकों के नाम से बनी फर्जी आईडी के चक्कर में न आएं।
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पेंशन अपडेट, लोन अप्रूवल, टैक्स छूट या आकर्षक ब्याज दरों के लालच में किसी को भी OTP, PIN या बैंक विवरण साझा न करें।
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बैंक से जुड़ा कोई भी काम केवल आधिकारिक शाखा या अधिकृत मोबाइल ऐप्स के जरिए ही करें।


