MP News: 300 फीट ऊंची टेकरी पर विराजित हैं मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा, दिन में तीन स्वरूपों में देती हैं दर्शन

Anuj Nirala

MP News: मध्य प्रदेश के देवास में स्थित मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा का मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। करीब 300 फीट ऊंची टेकरी पर स्थित इस धाम में बड़ी माता तुलजा भवानी और छोटी माता चामुंडा के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि माता दिन में तीन अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देती हैं।

बड़ी माता और छोटी माता के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन देवास की प्रसिद्ध माता टेकरी को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में हुई आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

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टेकरी पर स्थित मां तुलजा भवानी को बड़ी माता और मां चामुंडा को छोटी माता के नाम से जाना जाता है। दोनों मंदिरों में नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार किया जाता है। श्रद्धालु सीढ़ियों से पैदल चढ़कर माता के दरबार तक पहुंचते हैं और जय माता दी के जयकारे लगाते हैं।

राजा भर्तहरि से जुड़ी है तपस्या की मान्यता

देवास की माता टेकरी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी बताया जाता है। मान्यता है कि उज्जैन के राजा भर्तहरि ने यहां तपस्या की थी। यह स्थान लंबे समय से साधना और भक्ति का केंद्र रहा है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता चामुंडा दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती हैं।

माता टेकरी को लेकर यह मान्यता भी प्रचलित है कि यहां माता सती के रक्त की बूंदें गिरी थीं। इसी कारण इस स्थान को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। हालांकि, ये बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ी हैं।

नवरात्रि में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान देवास स्थित माता टेकरी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर माता के दरबार में आते हैं। मनोकामना पूरी होने पर कई श्रद्धालु हलवा-पूरी का भोग भी लगाते हैं।

मंदिर में पूजा-अर्चना और श्रृंगार की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। बताया जाता है कि पिछले करीब 300 वर्षों से नाथ संप्रदाय के पुजारी दोनों माताओं की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।

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जिला प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए जिला प्रशासन ने माता टेकरी पर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। बड़ी माता और छोटी माता के मंदिर परिसरों में दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया है, ताकि भक्तों को भीड़ के बीच परेशानी का सामना न करना पड़े।

देवास की माता टेकरी धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक मान्यताओं और नवरात्रि की परंपराओं का अनूठा संगम है। नौ दिनों तक यहां भक्तिमय माहौल रहने और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

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