Thursday, October 8, 2026
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Betul Bhaisdehi Teak Smuggling Case: वन विभाग के दफ्तर के पास चल रहा था तस्करी का खेल, खाली क्वार्टर को तस्करो ने बनाया अड्डा

बैतूल। Nishaanebaz.com-MP Betul Teak Smuggling Racket: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर सागौन तस्करों ने स्वास्थ्य विभाग के एक खाली पड़े सरकारी क्वार्टर को ही अवैध लकड़ी छिपाने का महफूज ठिकाना बना लिया। भैंसदेही थाना क्षेत्र में स्थित इस सरकारी आवास से पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 23 नग सागौन की चरपट (कीमती इमारती लकड़ी) बरामद की है। जब्त की गई लकड़ी की बाजार कीमत 1 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।

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इस पूरे मामले का भंडाफोड़ बीएमओ भैंसदेही की सतर्कता से हुआ। बीएमओ को सूचना मिली थी कि स्वास्थ्य विभाग के लंबे समय से खाली पड़े आवास के भीतर भारी मात्रा में अवैध इमारती लकड़ी जमा करके रखी गई है। 8 अक्टूबर की रात बीएमओ ने तत्काल इसकी लिखित सूचना भैंसदेही पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर क्वार्टर का घेराव किया और तलाशी ली, जहां से सागौन की 23 चरपट बरामद हुईं।

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पुलिस ने मौके पर ही स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में विधिवत पंचनामा तैयार कर पूरी लकड़ी को जब्त कर लिया और आगे की वैधानिक कार्यवाही के लिए उसे वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रेस नोट भी जारी किया है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जंगलों से अवैध रूप से काटी गई इस लकड़ी को कब और किन लोगों द्वारा यहां लाकर छिपाया गया था।

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वन विभाग के दफ्तर के बिल्कुल करीब स्थित स्वास्थ्य विभाग के क्वार्टर से इतनी बड़ी तादाद में सागौन मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि क्या तस्करों को किसी का संरक्षण प्राप्त था या फिर प्रशासनिक लापरवाही का फायदा उठाकर यह खेल खेला जा रहा था। मामले पर बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन और भैंसदेही के वन अनुविभागीय अधिकारी (SDO) देवानंद पांडे का कहना है कि हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और इसमें संलिप्त आरोपियों को जल्द चिन्हित कर कानूनी शिकंजे में लाया जाएगा।

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