रीवा। Nishaanebaz.com-Kalpana Mishra Case Update: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के चर्चित ‘कल्पना मिश्रा जच्चा-बच्चा कांड’ में शासन और स्वास्थ्य प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अख्तियार किया है। पिछले करीब दो महीनों से लगातार चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के बीच इस मामले में एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। मृतका का इलाज करने वाली डॉक्टर, डॉ. गुंजन गोस्वामी को आगामी आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। खास बात यह है कि डॉ. गुंजन गोस्वामी वही चिकित्सक थीं, जिनकी देखरेख में कल्पना मिश्रा का इलाज चल रहा था और उन्हीं के यूनिट के तहत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रीवा के कल्पना मिश्रा जच्चा-बच्चा मामले में डॉक्टर डॉ. गुंजन गोस्वामी निलंबित। प्रशासन ने जांच जारी रखते हुए अब तक कई डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई की है।
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— News (@khalkho_ji) October 8, 2026
इस बहुचर्चित मामले में अब तक कई बड़ी प्रशासनिक गाज गिर चुकी है। इससे पहले तीन नर्सिंग स्टाफ समेत दो डॉक्टरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। निधि पांडेय को निलंबित किया गया था, जबकि सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके अलावा अस्पताल के अधीक्षक राहुल मिश्रा को उनके पद से हटाया गया था और मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल का भी अन्य जिले में ट्रांसफर कर दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में और भी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान रीवा में भारी राजनीतिक और सामाजिक बवाल देखने को मिला था। डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर मृतका कल्पना मिश्रा के परिजनों ने रीवा में कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया था। इस मामले ने तूल पकड़ा तो कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी रीवा पहुंचे थे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने परिजनों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग उठाई थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब कल्पना मिश्रा के समर्थकों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के घर का घेराव किया और उनके घर के बाहर कालिख पोते जाने की घटना सामने आई थी।
डॉ. गुंजन गोस्वामी के निलंबन के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस संबंध में संजय गांधी अस्पताल के सीएमओ अतुल सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और नियमों के तहत जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल इस कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।






