Thursday, October 8, 2026
Home Madhya Pradesh Jabalpur Medical College Shocking Allegations: नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज पर...

Jabalpur Medical College Shocking Allegations: नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज पर रोंगटे खड़े कर देने वाला आरोप, मौत के बाद पति के अंग निकालकर अवैध रूप से बेचने का दावा

जबलपुर। Nishaanebaz.com-Jabalpur Medical College Allegations: मध्य प्रदेश के संस्कारधानी शहर जबलपुर से एक बेहद हैरान, विचलित कर देने वाला और रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के प्रतिष्ठित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज पर एक मरीज की मौत के बाद उसके शरीर के महत्वपूर्ण अंग निकालकर अवैध रूप से बेचने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। इस अमानवीय घटना से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। पीड़ित मृतक किशोर विश्वकर्मा की पत्नी ने न्याय की आस में जबलपुर जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

पीड़िता द्वारा अदालत में दायर की गई याचिका और बयानों के अनुसार, उसने अपने पति किशोर विश्वकर्मा को 12 अगस्त 2025 को गंभीर और नाजुक हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान अस्पताल में ही उसके पति की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्टाफ ने उनके पति के शव से महत्वपूर्ण अंग निकालकर अवैध रूप से बेच दिए। हद तो तब हो गई जब इस पूरे कृत्य को छिपाने के लिए मृतक के शव को परिजनों को सौंपने के बजाय ‘अज्ञात’ घोषित कर चुपचाप दफना दिया गया।

Read More : MP News: इंदौर में केक बनाने की जगह का हाल देख चौंकी टीम, गंदगी के बीच मिल रही थीं चींटियां-मक्खियां

अपने पति के अंग बेचे जाने और अंतिम दर्शन तक से वंचित किए जाने के बाद से सदमे में डूबी पीड़िता ने आखिरकार न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। उसने अपने वकील के माध्यम से जबलपुर जिला न्यायालय में एक परिवाद एवं याचिका दायर की है। मामले की गंभीरता, संवेदनशीलता और अस्पताल प्रबंधन पर लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता (पीड़िता) के बयान दर्ज करने के लिए आगामी 13 नवंबर की तारीख तय की है।

Read More : Surajpur News: चोरी के आरोप में दो महिलाओं की बेरहमी से पिटाई, भीड़ ने लात-घूंसों से पीटा; वीडियो वायरल

अदालत में पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद इस पूरे बहुचर्चित मामले में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, अस्पताल के अन्य कर्मचारियों और संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच शुरू होने की संभावना है। जानकारों का मानना है कि बयानों के आधार पर अदालत इस मामले में एफआईआर या कड़ी जांच के आदेश दे सकती है, जिससे मेडिकल महकमे में भारी खलबली मची हुई है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here