Health: सुबह आंख खुलते ही फोन चेक करना आज ज्यादातर लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। लेकिन दिन की शुरुआत स्क्रीन और नोटिफिकेशन के बजाय कुछ मिनट शांत बैठकर करने से मन को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए सुबह 5 से 10 मिनट तक ‘ॐ’ का जाप और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास किया जा सकता है। इसे मेडिटेशन का एक सरल तरीका भी माना जाता है।
तनाव कम करने में मिल सकती है मदद
ॐ का जाप करते समय व्यक्ति अपनी आवाज, सांस और उच्चारण पर ध्यान देता है। इससे कुछ समय के लिए रोजमर्रा की भागदौड़ और लगातार चलने वाले विचारों से दूरी बनाने में मदद मिल सकती है। नियमित रूप से शांत बैठने और धीमी सांस लेने की आदत मानसिक रिलैक्सेशन में सहायक हो सकती है।
फोकस बेहतर करने में मददगार
लगातार फोन, सोशल मीडिया और नोटिफिकेशन देखने से ध्यान बार-बार भटक सकता है। ध्यान को एक ही ध्वनि और सांस पर टिकाने का अभ्यास एकाग्रता की आदत विकसित करने में उपयोगी हो सकता है।
नींद के लिए भी किया जा सकता है अभ्यास
ॐ जाप को सिर्फ सुबह तक सीमित रखना जरूरी नहीं है। रात में सोने से पहले कुछ मिनट शांत बैठकर धीमी आवाज में इसका जाप करने से शरीर और दिमाग को रिलैक्स करने में मदद मिल सकती है।
सांसों पर ध्यान लगाने का आसान तरीका
ॐ का उच्चारण करते समय धीरे-धीरे सांस छोड़ने और अपनी सांस की गति पर ध्यान देने से व्यक्ति को रिलैक्स महसूस हो सकता है। यह अभ्यास खास तौर पर उन लोगों के लिए आसान हो सकता है, जो मेडिटेशन की शुरुआत करना चाहते हैं लेकिन लंबे समय तक ध्यान नहीं लगा पाते।
ॐ जाप करने का सही तरीका
सुबह उठने के बाद किसी शांत जगह पर आराम से बैठ जाएं। आंखें बंद करके कुछ सामान्य और धीमी सांसें लें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए सहज आवाज में ‘ओऽम्’ का उच्चारण करें और अपना ध्यान आवाज व सांस पर रखें।
ध्यान रखें कि ॐ जाप एक रिलैक्सेशन और मेडिटेशन अभ्यास है। इसके फायदे हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं और इसे किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।






