Ashoknagar Accident: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से सोमवार को एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। विक्रमपुर गांव में चार सगे भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। चारों बच्चे सुबह घर से खेलने के लिए निकले थे, लेकिन घंटों बाद भी जब वे वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। दोपहर में एक कुएं से बच्चों के शव मिलने के बाद गांव में मातम पसर गया।
जानकारी के मुताबिक, चारों भाई सुबह घर से बाहर खेलने के लिए निकले थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब बच्चे घर नहीं पहुंचे तो उनकी दादी को चिंता हुई। उन्होंने आसपास के इलाकों और गांव में बच्चों को तलाशना शुरू किया। परिवार को उस समय तक इस बात का अंदाजा नहीं था कि बच्चे खेत की तरफ स्थित कुएं तक पहुंच गए हैं।दोपहर के समय बच्चों के चाचा ने कुएं में एक बच्चे का शव देखा। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। अशोकनगर हादसा सामने आते ही पुलिस को सूचना दी गई और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई।
चारों भाई एक ही परिवार के थे
मृत बच्चों की पहचान देव (9), त्रिदेव (7), महादेव (6) और प्रियंश (4) के रूप में हुई है। चारों बलवीर कुशवाहा के बेटे थे। परिवार के मुताबिक, बच्चों के पिता मजदूरी करते हैं। उनकी मां पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही हैं। चारों भाई अपनी दादी के साथ रह रहे थे।बच्चे गांव से बाहर खेतों की ओर कैसे पहुंचे, इसकी अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार और पुलिस इस बात को समझने की कोशिश कर रहे हैं कि घर से निकलने के बाद चारों बच्चे किस रास्ते से खेतों तक पहुंचे।
पुराने घर के पास था कुआं
ग्रामीणों के मुताबिक, जिस जगह हादसा हुआ, उसके पास परिवार का पुराना घर भी मौजूद है। बच्चे पहले अपनी दादी के साथ वहां जाते रहे थे। इसी वजह से आशंका है कि खेलने के दौरान चारों भाई पुराने घर की तरफ चले गए होंगे।बताया जा रहा है कि खेत में बने कुएं के पास पहुंचने के दौरान एक बच्चा उसमें गिर गया होगा। उसके बाद उसे बचाने की कोशिश में या किनारे जाते समय बाकी भाई भी एक-एक करके कुएं में गिर गए होंगे। हालांकि, यह अभी सिर्फ ग्रामीणों की ओर से जताई गई आशंका है। घटना की वास्तविक वजह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।कुआं खेत के हिस्से में होने के कारण वहां तत्काल किसी की नजर नहीं पड़ी। यही वजह रही कि परिवार बच्चों को काफी देर तक दूसरी जगहों पर तलाशता रहा.
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दोपहर में मिली हादसे की जानकारी
करीब दोपहर 2 बजे एक ग्रामीण की नजर कुएं में पड़े शव पर गई। इसके बाद उसने परिवार और पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही चंदेरी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से चारों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाले गए।चारों शवों को चंदेरी सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। एक साथ चार बच्चों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मुआवजे का भी किया गया ऐलान
तहसीलदार दिलीप दरोगा ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।अशोकनगर हादसा यह भी सवाल खड़ा करता है कि खेतों में खुले या असुरक्षित कुओं के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी सावधानी बरती जा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि चारों बच्चे कुएं तक कैसे पहुंचे और हादसा किस परिस्थिति में हुआ।






