अंबिकापुर। Nishaanebaz.com-Chhattisgarh Ambikapur Fake Bail Racket Busted 2026: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की अंबिकापुर पुलिस ने न्याय प्रणाली को चुनौती देने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सरगुजा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अदालत परिसर में फर्जी किसान पट्टा और कूटरचित पहचान पत्रों (जैसे फर्जी आधार कार्ड) का उपयोग कर गंभीर अपराधों के आरोपियों की जमानत कराने वाले गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह कार्रवाई 11 सितंबर को कोतवाली पुलिस को मिली सटीक मुखबिर सूचना के बाद शुरू हुई। पुलिस को खबर मिली थी कि कुछ दलाल और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले तत्व न्यायालय परिसर में आने वाले जरूरतमंद आरोपियों व उनके परिजनों से मोटी रकम वसूलकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमानत दिलाने का गोरखधंधा चला रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के निर्देशन में सीएसपी राहुल बंसल और कोतवाली पुलिस की टीम ने कला केंद्र मैदान के पास दबिश देकर घेराबंदी की।
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पुलिस ने मौके से पांच संदिग्धों—बुधराम गोंड, अजय मानिकपुरी उर्फ जयलाल, रामेश्वरी यादव, दशमेत गोंड और ममता पैकरा को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर आरोपियों की स्कूटी की डिक्की से 5 फर्जी किसान पट्टा पुस्तिकाएं, फर्जी सील और कूट रचित दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जरूरतमंद आरोपियों से पैसे लेकर अदालत में फर्जी जमानतदार खड़े करते थे और इसके जरिए कई अपराधियों की जमानत करवा चुके थे।
कड़ाई से पूछताछ करने पर गिरोह के मुख्य सरगनाओं के नाम सामने आए। आरोपियों ने बताया कि यह फर्जी पट्टे उन्हें दलाल राज जायसवाल के माध्यम से प्राप्त होते थे, जिसे नवापारा निवासी शशिभूषण सिंह अपने लैपटॉप और प्रिंटर के जरिए तैयार करता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज जायसवाल और शशिभूषण सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 फर्जी किसान पट्टा, जाली पहचान पत्र, 6 मोबाइल फोन, एक एक्टिवा स्कूटी, एक लैपटॉप, दो कलर प्रिंटर, कीबोर्ड और माउस जब्त किए हैं। सभी 7 आरोपियों के खिलाफ जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।







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