Saturday, September 12, 2026
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Dewas District Court Lok Adalat News: देवास कोर्ट में अनोखा नजारा, ढोल-ताशों के साथ 30 बिखरे परिवारों का हुआ पुनर्मिलन

देवास। Nishaanebaz.com-Dewas District Court Lok Adalat News: मध्य प्रदेश के देवास जिला न्यायालय परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान मानवीय संवेदनशीलता और अनूठी पहल का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सालों से कुटुंब न्यायालय में चल रहे तीखे पारिवारिक विवादों का सुखद अंत करते हुए कोर्ट की पहल पर 30 पति-पत्नी के जोड़े फिर से एक हो गए। मुकदमों और मनमुटाव को भुलाकर इन जोड़ों ने एक-दूसरे को फिर से वरमाला पहनाई, जिसके बाद ढोल-ताशों की गूंज और पुष्प वर्षा के बीच उन्हें कोर्ट परिसर से विदाई दी गई।

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कुटुंब न्यायालय के प्रधान जिला न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाहा की कुशल काउंसलिंग और समझाइश इस बड़े बदलाव का मुख्य आधार बनी। कई वर्षों से अलग रह रहे दंपतियों को जब न्यायाधीशों द्वारा समझाकर आपसी ईगो दूर करने की सलाह दी गई, तो सभी 30 जोड़े एक साथ रहने को सहर्ष तैयार हो गए। अदालत में ही फिर से विवाह जैसा माहौल बन गया, जहाँ वकीलों और कोर्ट स्टाफ ने नव-पुनर्मिलन करने वाले जोड़ों पर फूल बरसाए और उनका भव्य जुलूस निकाला।

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पर्यावरण संरक्षण और नए रिश्ते की मजबूती का संदेश देने के लिए जिला न्यायालय के सभी न्यायाधीशों ने इन 30 जोड़ों को पौधे भेंट किए। जजों ने दंपतियों को अपने रिश्ते के साथ-साथ इन पौधों को सींचकर बड़ा वृक्ष बनाने का संकल्प भी दिलवाया। वर्षों से दूर रह रहे पति-पत्नी जब हाथ में पौधा थामे और गले में माला डाले कोर्ट परिसर से बाहर निकले, तो माहौल बेहद भावुक हो गया।

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इस सफलता पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान जिला न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि अक्सर पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातें ईगो (अहंकार) के कारण बड़ी बन जाती हैं और अदालतों के दरवाजे तक पहुँच जाती हैं। वैवाहिक जीवन में ईगो के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए; यदि आपस में बैठकर छोटी-मोटी समस्याओं पर बातचीत कर ली जाए, तो किसी भी रिश्ते को टूटने से बचाया जा सकता है। 30 बिखरे परिवारों के इस पुनर्मिलन की हर तरफ सराहना हो रही है।

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