[nishaanebaz.com] Indore News: इंदौर में DCP लिखी सरकारी स्कॉर्पियो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी इस घटना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दावा है कि स्कॉर्पियो ने सड़क पर कई वाहनों को टक्कर मारी और करीब दो किलोमीटर तक बेकाबू हालत में चलती रही।घटना के दौरान राहगीरों ने मोबाइल से वीडियो बनाया। अब इसी वीडियो के आधार पर ट्रैफिक पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है।
एक्टिवा को टक्कर के बाद बढ़ता गया मामला
इंदौर DCP स्कॉर्पियो वायरल वीडियो से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, यह घटनाक्रम सुभाष नगर से राजकुमार ब्रिज के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो ने सबसे पहले एक एक्टिवा सवार को टक्कर मारी।इसके बाद रास्ते में आने वाले अन्य वाहनों को भी इसकी चपेट में लेने की बात सामने आई है। कुछ राहगीरों ने वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन स्कॉर्पियो पर DCP लिखा होने के कारण लोग सीधे सामने आने से बचते रहे।
करीब दो किलोमीटर बाद DRP लाइन में रुकी गाड़ी
DCP लिखी सरकारी स्कॉर्पियो मामले में बताया जा रहा है कि राहगीर काफी दूर तक इस वाहन का पीछा करते रहे और घटना का वीडियो बनाते रहे। करीब दो किलोमीटर के बाद स्कॉर्पियो DRP लाइन के अंदर जाकर खड़ी हो गई।इस घटना के बाद वाहन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह सरकारी स्कॉर्पियो इंदौर जोन-4 के तत्कालीन DCP सुनील मेहता को आवंटित थी। सुनील मेहता करीब एक सप्ताह पहले DCP पद से रिटायर हुए हैं।
चालक के नशे में होने का दावा, पुष्टि बाकी
इंदौर सरकारी स्कॉर्पियो विवाद में वाहन चालक के शराब के नशे में होने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।ऐसे में जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि घटना के समय चालक की स्थिति क्या थी और वाहन किस परिस्थिति में बेकाबू हुआ।
Indore News: इंदौर की सड़क पर बेकाबू सरकारी स्कॉर्पियो! वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप#IndoreNews #IndoreCrime #GovernmentScorpio #PoliceDepartment #ViralVideo pic.twitter.com/lNSycZOeoQ
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) September 7, 2026
अब तक किसी पीड़ित ने नहीं दी लिखित शिकायत
इंदौर DCP वाहन केस को लेकर पुलिस के अनुसार घटना करीब दो दिन पुरानी है। हालांकि, अब तक किसी पीड़ित के थाने पहुंचकर लिखित शिकायत देने या FIR दर्ज कराने की जानकारी सामने नहीं आई है।घटना का वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। मामला तुकोगंज, परदेशीपुरा और एमजी रोड थाना क्षेत्रों से जुड़ा बताया जा रहा है।
ट्रैफिक पुलिस ने जांच की बात कही
ट्रैफिक DCP राजेश त्रिपाठी ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी तरह के नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि सरकारी वाहन का इस्तेमाल उस समय कौन कर रहा था, वाहन कैसे बेकाबू हुआ और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।






