MP Police Action: गर्भवती महिला से मारपीट के आरोपों ने मचाया हड़कंप! पूरा थाना निलंबित

Rahul Goshwami

Madhya Pradesh Police Action: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। किरनापुर थाने में एक चोरी के मामले की जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने और मारपीट करने के आरोप लगे हैं। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बड़ी कार्रवाई की है।एसपी ने किरनापुर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सभी को पुलिस लाइन भेजा गया है। मामले की जांच अब विशेष जांच दल यानी एसआईटी करेगी।

इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेले, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को निलंबित किया गया है। चारों पर आरोप है कि चोरी के मामले में पूछताछ के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया।शिकायत में पुलिस पर आरोपी से जबरन अपराध कबूल कराने और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
मामला 21 अगस्त का बताया जा रहा है। किरनापुर पोस्ट ऑफिस से एक महिला ने करीब ₹1.10 लाख निकाले थे। शिकायत के मुताबिक, इसमें से ₹50 हजार रुपये गायब हो गए। इसके बाद रकम चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने जांच शुरू की।जांच के दौरान कैलाश चौधरी को इस मामले में आरोपी बनाया गया। कैलाश की शिकायत के अनुसार, पुलिस उसे उसके घर से थाने लेकर आई थी। उसने आरोप लगाया कि थाने में उससे नियमों के खिलाफ पूछताछ की गई और चोरी की बात कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया।
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गर्भवती महिला से जुड़े आरोपों ने बढ़ाई गंभीरता
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप कैलाश चौधरी की पत्नी को लेकर लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, महिला करीब दो माह की गर्भवती थी। आरोप है कि थाने में महिला और उसके पति के साथ मारपीट की गई और महिला के कपड़े उतरवाए गए।इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई। महिला को ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने खाट पर कलेक्टर कार्यालय पहुंचाया। वहां अधिकारियों के सामने शिकायत रखी गई और पूरे मामले की जानकारी दी गई।

एसपी ने शिकायत पर तुरंत लिया संज्ञान
कलेक्टर कार्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब जांच पर सबकी नजर है। एसपी की ओर से मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है।

दो सप्ताह में देनी होगी जांच रिपोर्ट
मामले की जांच डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व वाली एसआईटी करेगी। टीम को पूरे घटनाक्रम की जांच कर करीब दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।जांच में थाने में हुई पूछताछ, पुलिसकर्मियों की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि चोरी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तय नियमों का पालन किया था या नहीं।

जांच रिपोर्ट से खुलेगा पूरे मामले का सच
फिलहाल चार पुलिसकर्मियों का निलंबन प्रशासन की ओर से उठाया गया शुरुआती कदम है। शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप सही हैं या नहीं, इसका फैसला एसआईटी की जांच के बाद ही होगा।किरनापुर थाने से जुड़े इस मामले ने पुलिस की पूछताछ और हिरासत में लोगों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि उस दिन थाने में वास्तव में क्या हुआ था और आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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