अशोकनगर (भारतेन्द्र सिंह बैस)। Nishaanebaz.com-Ashoknagar Piprai Balaji Temple Idol Vandalism: मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले अंतर्गत मुंगावली अनुविभाग के पिपरई तहसील क्षेत्र से धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नगर के रामलीला मैदान स्थित प्रसिद्ध श्री बालाजी मंदिर में स्थापित भगवान बालाजी की प्रतिमा पर एक सिरफिरे युवक द्वारा कुल्हाड़ी से हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के वक्त मंदिर परिसर में चल रहे अखंड रामायण पाठ में मौजूद श्रद्धालुओं के साथ गाली-गलौज और अभद्रता भी की गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन वारदात से नाराज ग्रामीणों और सनातन प्रेमियों ने रामलीला मैदान पर तीन से चार घंटे तक उग्र चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।
प्राप्त विवरण के अनुसार, घटना पिपरई नगर के रामलीला मैदान स्थित बालाजी मंदिर परिसर की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ग्राम लिधोरा निवासी नीलेश नरवरिया (पिता सुखचंद नरवरिया) अचानक हाथ में कुल्हाड़ी लेकर मंदिर में दाखिल हुआ। उसने वहां स्थापित भगवान श्री बालाजी सरकार की प्रतिमा पर कुल्हाड़ी से वार करना शुरू कर दिया। जब मंदिर प्रांगण में रामायण पाठ कर रहे श्रद्धालुओं ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
वारदात के तुरंत बाद मंदिर में मौजूद लोगों ने पिपरई थाना पुलिस को सूचना दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा और घेराबंदी कर आरोपी नीलेश नरवरिया को हथियार समेत हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी को तुरंत थाने ले गई, जहां उससे घटना के कारणों के संबंध में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
जैसे ही बालाजी मंदिर की प्रतिमा खंडित किए जाने की खबर पिपरई नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैली, लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि रामलीला मैदान पर एकत्रित हो गए। उत्तेजित भीड़ ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि क्षतिग्रस्त प्रतिमा को आदरपूर्वक हटाकर वहां नई बालाजी सरकार की प्रतिमा तत्काल स्थापित की जाए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपी के परिजनों की आपराधिक संलिप्तता की जांच कर उन पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और आरोपी पक्ष के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई करने की मांग की। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंगावली अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) और पुलिस प्रशासनिक अमला मौके पर डटा रहा। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाइश और त्वरित वैधानिक कार्रवाई के आश्वासन के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी रहे।






