[nishaanebaz.com] MP News:देवेश गुप्ता\ निवाडी। लगातार हो रही बारिश के बाद सिन्दूर सागर तालाब का जलस्तर बढ़कर ओवरफ्लो हो गया है। तालाब का पानी आसपास के गांवों में फैलने से जलभराव की स्थिति बन गई है। ढिमरपुरा और कुँवरपुरा गांव के ग्रामीणों का दावा है कि करीब 1000 एकड़ पटैती कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जबकि कई मकानों में भी पानी पहुंचने की बात सामने आई है। जलभराव से ग्रामीणों और किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
तालाब का पानी आसपास के गांवों में फैला
ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण सिन्दूर सागर तालाब में क्षमता से अधिक पानी जमा हो गया। इसके बाद तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के इलाकों में फैलने लगा। ग्रामीणों का कहना है कि ढिमरपुरा गांव में जलभराव की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।पानी बढ़ने के कारण खेतों के साथ-साथ आबादी वाले क्षेत्रों में भी परेशानी बढ़ रही है। कई मकानों तक पानी पहुंचने की बात ग्रामीणों ने कही है।
करीब 1000 एकड़ कृषि भूमि डूबने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के ओवरफ्लो पानी से करीब 1000 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी भरने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।यदि लंबे समय तक खेतों से पानी नहीं निकलता है तो फसलों को नुकसान होने की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित कृषि भूमि और फसलों का आकलन कराने की भी मांग की है।
निकासी का रास्ता संकरा होने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सिन्दूर सागर तालाब के अतिरिक्त पानी की निकासी पहाड़ियों के बीच से होती है। उनका कहना है कि पानी बाहर निकलने का रास्ता काफी संकरा है, जिसके कारण तालाब से निकलने वाला पानी तेजी से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।ग्रामीणों के मुताबिक, निकासी व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण तालाब का अतिरिक्त पानी आसपास के खेतों और गांवों की ओर फैल रहा है। उन्होंने पानी की निकासी का रास्ता चौड़ा करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा होने पर जलभराव को रोका जा सके।
लगातार बारिश से सिन्दूर सागर तालाब ओवरफ्लो, 1000 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न होने का दावा; गांवों में बढ़ा जलभराव#SindoorSagarPond #DamohNews #Waterlogging #HeavyRainfall #FarmlandSubmerged pic.twitter.com/gJwR5GtqhF
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) September 2, 2026
मकानों में पानी पहुंचने से बढ़ी परेशानी
तालाब के आसपास जलस्तर बढ़ने के कारण कई मकानों में पानी पहुंचने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। इससे लोगों को घरेलू सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश और तालाब के ओवरफ्लो होने की स्थिति में प्रशासन को प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत और पानी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।
27 अगस्त की मकान गिरने की घटना का भी किया जिक्र
ग्रामीणों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में 27 अगस्त को मकान गिरने से दो महिलाओं की मौत और एक बच्चे के घायल होने की घटना का भी उल्लेख किया है। ग्रामीणों ने इस घटना को बारिश और जलभराव से पैदा हुई परिस्थितियों से जोड़ते हुए प्रशासन का ध्यान प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की ओर आकर्षित किया है।ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान कमजोर मकानों और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीण अब प्रशासन के पास पहुंचे हैं। उन्होंने कलेक्टर जमुना भिड़े के नाम ज्ञापन सौंपकर सिन्दूर सागर तालाब के ओवरफ्लो पानी की तत्काल निकासी कराने की मांग की है।ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित गांवों से पानी निकालने के लिए तत्काल व्यवस्था की जाए, जलभराव से प्रभावित किसानों और परिवारों की स्थिति का जायजा लिया जाए और निकासी मार्ग को चौड़ा किया जाए।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यदि तालाब का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैलता है तो इसका स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने तालाब की जल निकासी व्यवस्था को व्यवस्थित और पर्याप्त क्षमता वाला बनाने की मांग की है।फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल पानी की निकासी कराकर ढिमरपुरा और कुँवरपुरा के प्रभावित क्षेत्रों को राहत दिलाए। साथ ही कृषि भूमि और मकानों में हुए नुकसान का सर्वे कराकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।





