[nishaanebaz.com] Dhar Bank Scam: धार। जिले की बाग शाखा स्थित बैंक ऑफ इंडिया में करीब 45 लाख रुपए के कथित गबन का मामला सामने आया है। बैंक में कैश की जांच के दौरान बड़ी रकम कम मिलने के बाद बैंक प्रबंधन ने कैशियर हितेश निंगवाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर बाग पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद कैशियर ने बैंक अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया था। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले में रिमांड पर जांच की जा रही है।
लॉकर की चाबियां लेकर चला गया था कैशियर
एएसपी विजय डाबर के मुताबिक, कैशियर हितेश निंगवाल बैंक के लॉकर की चाबियां लेकर चला गया था। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने क्षेत्रीय कार्यालय से लॉकर की डुप्लीकेट चाबी मंगवाई।डुप्लीकेट चाबी मिलने के बाद मंगलवार को लॉकर खोला गया। लॉकर और बैंक में मौजूद दस्तावेजों की जांच के दौरान करीब 45 लाख रुपए की नकदी कम पाई गई। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
शनिवार की बैलेंस राशि में मिली 45 लाख की कमी
बैंक प्रबंधन की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार को बैंक की बैलेंस राशि की जांच में करीब 45 लाख रुपए की कमी सामने आई थी। इसी दौरान यह भी सामने आया कि कैशियर लॉकर की चाबियां लेकर चला गया था।रकम की कमी सामने आने के बाद बैंक अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू की। नकदी के रिकॉर्ड, लॉकर और बैंक से संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया गया।
LDM समेत अधिकारियों ने दिनभर की जांच
सोमवार को बैंक शाखा में LDM बलराम बैरागी समेत अन्य अधिकारियों ने पूरे दिन रिकॉर्ड और कैश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान नकदी में बड़ी कमी की पुष्टि होने के बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कैशियर हितेश निंगवाल के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली।
सरेंडर के बाद पुलिस हिरासत में कैशियर
मामले की जानकारी सामने आने के बाद कैशियर हितेश निंगवाल ने बैंक अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस रिमांड पर उससे पूछताछ कर रही है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक की रकम में कमी किस तरह हुई, 45 लाख रुपए की राशि कहां गई और इस पूरे मामले में अकेले कैशियर की भूमिका है या किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता रही है।
रिकॉर्ड और लेनदेन की भी जांच
पुलिस मामले से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, कैश बुक, लॉकर से संबंधित दस्तावेज और अन्य वित्तीय विवरणों की जांच कर रही है। साथ ही शनिवार की बैलेंस राशि और उसके बाद हुए लेनदेन का भी मिलान किया जा रहा है।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित गबन की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।





