Onion Price Hike : रायपुर। रसोई गैस की कीमतों और उपलब्धता से राहत मिलने के बाद अब प्याज और शक्कर के बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले जरूरी खाद्य सामग्री महंगी होने का असर लोगों के घरेलू बजट के साथ होटल, भोजनालय और मिठाई कारोबार पर भी पड़ने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि प्याज की आवक बढ़ने के बाद ही कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
Onion Price Hike : एक हफ्ते में 20 रुपए तक बढ़े प्याज के दाम
शहर के बाजार में प्याज की कीमतों में पिछले एक सप्ताह के दौरान 15 से 20 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। करीब एक सप्ताह पहले 35 से 40 रुपए किलो बिकने वाला प्याज अब खुदरा बाजार में 50 से 55 रुपए किलो तक पहुंच गया है।
वहीं, थोक बाजार में भी प्याज के दाम 25-26 रुपए से बढ़कर करीब 40-42 रुपए किलो हो गए हैं। अचानक बढ़ी कीमतों का सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ रहा है।
कमजोर फसल और खराब स्टॉक से बढ़ी कीमत
थोक कारोबारियों के अनुसार इस साल प्याज की फसल अपेक्षाकृत कमजोर रही है। कुछ इलाकों में फसल में बीमारी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा पुराने स्टॉक का कुछ हिस्सा खराब होने और बारिश के कारण आवक प्रभावित होने से बाजार में प्याज की उपलब्धता कम हुई है।
कारोबारियों के मुताबिक प्याज की प्रमुख आवक महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से होती है। सितंबर में दक्षिण भारत से नई आवक शुरू होने पर कीमतों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं नवंबर-दिसंबर में नई फसल की आवक बढ़ने के बाद दाम और कम होने की संभावना जताई जा रही है।
होटल और रेस्तरां कारोबार पर भी असर
प्याज के बढ़ते दामों का असर होटल और भोजनालय कारोबार पर भी पड़ रहा है। कई सब्जियों और व्यंजनों में प्याज का इस्तेमाल होता है। ऐसे में कीमत लगातार बढ़ने पर खाना तैयार करने की लागत भी बढ़ेगी।
कारोबारियों का कहना है कि यदि प्याज की कीमतों में तेजी आगे भी जारी रहती है तो आने वाले समय में मेन्यू की कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है।
शक्कर 71 रुपए किलो तक पहुंची
प्याज के साथ शक्कर के दामों में भी तेजी देखी जा रही है। शहर में शक्कर की कीमत करीब 71 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। मिष्ठान कारोबारियों के मुताबिक यदि कीमतों में तेजी जारी रही तो त्योहारों के दौरान मिठाई भी महंगी हो सकती है।
शक्कर के अलावा काजू, बादाम और अन्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी से भी मिठाई बनाने की लागत बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले त्योहारों में ग्राहकों को मिठाई के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
दालों पर भी महंगाई का दबाव
कमजोर मानसून और कम बुवाई के कारण चना, अरहर और उड़द जैसी दालों की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है। कुछ बाजारों में दालों के दाम 4 से 6 रुपए प्रति किलो तक बढ़ने की जानकारी है। हालांकि स्थानीय थोक कारोबारियों के अनुसार फिलहाल दालों की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
कारोबारियों ने जमाखोरी से किया इनकार
Onion Price Hike : थोक कारोबारियों ने प्याज और शक्कर की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे जमाखोरी या मुनाफाखोरी से इनकार किया है। उनका कहना है कि कमजोर फसल, पुराने स्टॉक का खराब होना, आवक में कमी और बाजार की मौजूदा परिस्थितियां कीमत बढ़ने की मुख्य वजह हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि नई फसल की आवक बढ़ने के साथ नवंबर-दिसंबर तक प्याज समेत अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है।





