Tikamgarh Panchayat:जमील खान \टीकमगढ़। जिले की जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुंदरपुर में विकास कार्यों और पंचायत की राशि के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत की आदिवासी महिला सरपंच विमला आदिवासी ने पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए विकास कार्यों की राशि में कथित गड़बड़ी और लाखों रुपये के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। सरपंच का कहना है कि पंचायत में स्वीकृत राशि, कराए गए कार्यों और खर्च की गई रकम से संबंधित पूरी जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
सरपंच बोलीं- पंचायत की राशि और कामों की जानकारी नहीं दी जाती
सरपंच विमला आदिवासी के मुताबिक, ग्राम पंचायत में अलग-अलग विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की जाती है, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं दी जाती कि किस काम के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, कौन-कौन से निर्माण कार्य कराए गए और उन कार्यों पर कितनी रकम खर्च की गई।
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सरपंच ने पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और पंचायत प्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें जरूरी जानकारी से दूर रखा जा रहा है।
सीसी रोड निर्माण को लेकर भी ग्रामीणों ने उठाए सवाल
Tikamgarh Panchayat: वहीं, पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कई स्थानों पर सीसी सड़क का निर्माण कुछ घरों के सामने तक ही सीमित कर दिया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पंचायत के कई हिस्सों में आज भी लोगों को कच्ची सड़क से आवागमन करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि पंचायत में सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई थी तो उसका इस्तेमाल किस तरह और किन स्थानों पर किया गया।ग्रामीणों ने पंचायत में हुए निर्माण कार्यों की जमीन पर जांच और गुणवत्ता परीक्षण कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
विकास कार्यों की राशि के दुरुपयोग का लगाया आरोप
Tikamgarh Panchayat: सरपंच का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर खर्च की गई राशि को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। इसी वजह से उन्होंने पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितताओं और राशि के दुरुपयोग के आरोपों की स्वतंत्र जांच होना अभी बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत में वास्तव में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है या नहीं।
CEO बोले- शिकायत मिलने पर कराई जाएगी जांच
Tikamgarh Panchayat: पूरे मामले को लेकर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनीष शेंडे ने कहा कि सरपंच की ओर से उनके पास अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। उन्होंने कहा कि संबंधित सचिव के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आई थीं और इन्हीं शिकायतों के चलते उसका तबादला किया जा चुका है।
CEO ने यह भी कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि सीसी रोड का निर्माण नियमों के विपरीत घर के अंदर या निर्धारित स्थान से अलग किया गया है, तो मामले की जांच कराई जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर रिकवरी के आदेश जारी किए जाएंगे।
जांच के बाद साफ होगी पंचायत के विकास कार्यों की तस्वीर
Tikamgarh Panchayat: फिलहाल सुंदरपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों और पंचायत की राशि को लेकर लगाए गए आरोपों ने स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरपंच और ग्रामीण पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद नियमों के अनुसार जांच कराई जाएगी।अब देखना होगा कि शिकायत और जांच के बाद पंचायत में हुए विकास कार्यों, सीसी सड़क निर्माण और खर्च की गई राशि को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।






